मुजफ्फरनगर। दिन प्रति दिन बढ़ते डेंगू के प्रकोप से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अलग अलग टीम के साथ डेंगू से बचाव के टिप्स देते हुए लोगों को निरंतर जागरूक कर रहे हैं। ऐसा नहीं हैं कि डेंगू पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियंत्रण नहीं किया जा रहा है, मगर डेंगू जैसी घातक बीमारी से बचने एवं दूसरों को बचाने के लिए जनता को भी जागरूक होना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग टीम द्वारा जनता को जागरूक कर डेंगू से बचाव करने के टिप्स दिए जा रहे हैं। मच्छर जनित रोगों ने कहर बरपा रखा है डेंगू और मलेरिया के मरीजों में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। सरकारी आंकड़ों में ही जिले में 300 से अधिक डेंगू मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि निजी अस्पतालों में भर्ती और उपचार पा रहे मरीजों की लाइन लगी है।
हालात के मद्देनजर स्वास्थ और मलेरिया विभाग के अधिकारियों, कर्मियों ने बीमारी के केन्द्र में शामिल गांव दाहौड़ में जांच-पड़ताल की। मच्छरों के प्रकोप को लेकर पड़ताल की गई, जिसमें 65 घरों में बर्तनों से लेकर टूटे-फूड़े कबाड़, टायरों के अलावा फ्रिज और कूलर आदि में लार्वा की छानबीन की गई। एक मकान के फ्रिज में लार्वा मिला है, जिसे तत्काल नष्ट कराया गया।
वहीं, शिविर लगाकर लोगों की जांच कर 18 लोगों के नमूनों को डेंगू-मलेरिया के लिए सुरक्षित किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह के निर्देश पर टीम ने पहुंचकर जांच-पड़ताल की है। टीम ने लगभग 65 मकानों पर पहुंचकर एंटोमोलाजिकल सर्वेलान्स का कार्य किया। कूलर, फ्रिज के साथ टूटे पड़े प्लास्टिक व लोहे के कबाड़ आदि में जांच-पड़ताल की है। पानी एकत्र होने वाले स्थानों पर छानबीन की गई। लोगों को जागरूक करने को चल रहा इलाज एक ग्रामीण के फ्रिज में मच्छरों का लार्वा मिला। इसको लेकर टीम ने तत्काल वहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ मकान की फागिंग कराई। कूलर आदि से पानी को निकलवाया गया। इसके बाद हेल्थ वेनलेस सेंटर पर शिविर लगाकर लोगों की जांच-पड़ताल की गई। यहां पर 71 लोगों का चिकित्सकीय परीक्षण किया, जिनमें 18 लोगों के डेंगू व मलेरिया के लिए नमूनों को एकत्र कर लैब में जांच कराई गई। किसी भी व्यक्ति में डेंगू या मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया, कि लोगों को निरंतर जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है।
