उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस और श्री कृष्ण जन्माष्टमी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सभी संवेदनशील और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर उत्सवों, जुलूसों और मेलों के आयोजकों के साथ बैठकें आयोजित की गई हैं। सभी संवेदनशील और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में पुलिस की तैनाती, फ़्लैग मार्च और पैदल गश्त बढ़ा दी गई है। इससे एक दिन पहले ही उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह और उसके अगले दिन जन्माष्टमी के मद्देनजर राज्य भर में कड़ी सतकर्ता बरतने और प्रभावी कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए गए थे।

ड्रोन से रखी जाएगी निगरानी 
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने जिला और कमिश्नरेट पुलिस प्रमुखों को फ्लैग मार्च, तिरंगा रैलियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित सभी प्रमुख कार्यक्रमों की सूची बनाने और उसके अनुसार व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। रेलवे और मेट्रो स्टेशनों, बस टर्मिनलों, हवाई अड्डों, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, होटल, गेस्ट हाउस, धार्मिक स्थलों और अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा कड़ी करने को कहा है। राज्य और जिला सीमाओं पर निरंतर जाँच, सीसीटीवी निगरानी और चेक-पोस्ट कर्मचारियों को सख्त ब्रीफिंग पर ज़ोर दिया गया है। माइक्रोलाइट विमानों, ड्रोन, पैराग्लाइडरों और अन्य मानवरहित हवाई वस्तुओं पर कड़ी निगरानी रखने और सभी अनधिकृत उड़ानों पर रोक लगाने के भी निर्देश दिए हैं। 

वीडियोग्राफी और ड्रोन निगरानी अनिवार्यः DM 
प्रतिबंधित या चरमपंथी संगठनों की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए स्थानीय ख़ुफिया इकाइयों और सोशल मीडिया सेल को सक्रिय किया गया है और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत निवारक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला पुलिस बलों को आवासीय कॉलोनियों में किरायेदारों का सत्यापन करने, अवैध हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी पर अंकुश लगाने और जन्माष्टमी कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए सिविल मजिस्ट्रेट, नगर निकायों और उपयोगिता विभागों के साथ समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जुलूसों की वीडियोग्राफी और ड्रोन निगरानी अनिवार्य कर दी गई है, साथ ही जहाँ भी आवश्यक हो, बम निरोधक दस्तों और खोजी कुत्तों का इस्तेमाल भी किया जाएगा। 

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