बागचीनी थाना क्षेत्र के नीवरी गांव के पास आज सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जहां एक बहादुर स्कूल बस चालक ने अपनी जान दांव पर लगाकर 22 बच्चों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जानकारी के अनुसार, सरनाम सिकरवार सुबह बच्चों को लेकर स्कूल जा रहे थे, तभी सामने से एक बेकाबू और तेज रफ्तार कैंटर उनकी बस की ओर आने लगा। खतरे को भांपते हुए 60 वर्षीय चालक ने गजब की फुर्ती दिखाई और बस को बचाने के लिए तुरंत उसे सड़क के किनारे उतार दिया। इस साहसी फैसले की वजह से कैंटर की सीधी टक्कर तो टल गई, लेकिन चालक को सीने में इतनी गंभीर चोट आई कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस भीषण भिड़ंत में बस में सवार करीब 22 बच्चों की जान बाल-बाल बच गई। हादसे के दौरान 6 बच्चों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया और प्राथमिक इलाज के बाद सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया। मृतक सरनाम सिकरवार पिछले 15 सालों से स्कूल वैन चलाने का काम कर रहे थे और खास बात यह है कि उस वक्त बस में उनके अपने तीन पोते-पोतियों के साथ-साथ उनके छोटे भाई के बच्चे और गांव के अन्य छात्र भी मौजूद थे। परिजनों और ग्रामीणों के लिए यह एक भावुक कर देने वाला पल है कि एक बुजुर्ग चालक ने अंतिम सांस तक बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। चश्मदीदों का कहना है कि अगर सरनाम समय रहते बस को किनारे नहीं मोड़ते, तो हादसा कहीं ज्यादा भयानक हो सकता था। उम्मेदगढ़ वांसी की पुलिया के पास हुए इस एक्सीडेंट ने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है, जहाँ हर कोई ड्राइवर की बहादुरी और बलिदान की चर्चा कर रहा है। फिलहाल पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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