मामला यूपी के सहारनपुर का है। यहां एसएसपी के समक्ष पेश हुए एक हेड कांस्टेबल ने अपनी शारीरिक परेशानी और बढ़ती ठंड का हवाला देते हुए एसएसपी से दो माह तक परेड की छुट्टी मांगी। सहारनपुर के एसएसपी, डॉक्टर भी हैं, उन्होंने भांप लिया कि जवान का वेट अधिक है। इसी वजह से उसे परेड में परेशानी हो रही होगी। इस पर बड़ी सहजता से एसएसपी ने एक महीने की राहत यानी परेड की छुट्टी देते हुए सिपाही को एक टास्क दे दिया।
एसएसपी ने कहा कि मैने आपको परेड के लिए एक महीने की राहत दे दी है लेकिन अगले महीने अगर राहत चाहिए तो इसके लिए 30 दिनों में अपना वेट यानी वजन कम करना होगा। इस तरह एसएसपी ने दो महीने के स्थान पर एक महीने की छुट्टी देकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ड्यूटी और वजन कम करने का टास्क देकर एक डॉक्टर का फर्जा निभा दिया। अब अगर सिपाही इन 30 दिनों में अपना दो किलो भी वेट कम कर लेता है तो इसका लाभ उसी का है। एसएसपी का यह टास्क देना इसलिए भी जरूरी था कि परेड में शामिल ना होने पर आलस की वजह से वेट और बढ़ने की भी आशंका थी।
एसएसपी ने जब सिपाही ( हेड कांस्टेबल ) को 30 दिन में पांच किलो वेट कम करने का टास्क दिया तो सिपाही ने कहा कि सर मैं पिछले दो महीनों में पांच किलो वजन कम कर चुका हूं। इस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ‘गुड’ कहते हुए टास्क को थोड़ा आसान बना दिया और कहा कि ठीक है तो फिर 30 दिन में तीन किलो वजन कम करके आना।
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा की सीमा से सटे यूपी के जिले सहारनपुर की कमान डॉक्टर विपिन ताड़ा के हाथों में है। डॉक्टर विपिन ताड़ा MBBS डॉक्टर भी हैं। इसके बाद उन्होंने आईपीएस की पढ़ाई की और इस सेवा में आ गए। मूल रूप से राजस्थान के एतिहासिक शहर जोधपुर के रहने वाले हैं और 2012 बैच के IPS ऑफिसर हैं। सहारनपुर में ज्वाइन करते हुए उन्होंने कहा कि थी कि वो एक डॉक्टर भी हैं और एसएसपी भी। ऐसे में उन्हें पता है कि किस मरीज को टेबलेट देनी है और किसे इंजेक्शन लगाना पड़ेगा। ये बातें उन्होंने अपराधियों के चेताते हुए कही थी।

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