सहारनपुर जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के सढ़ौली हरिया गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक व्यक्ति ने जमीन विवाद के चलते अपनी पत्नी और दो बेटियों को घर में घुसने नहीं दिया। मामला बढ़ा तो समाजसेवी महिलाएं और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन अचानक स्थिति बिगड़ गई।

छत पर चढ़कर की पत्थरबाजी, समाजसेवी घायल
जैसे ही समाजसेवी कोमल गुर्जर और ग्रामीणों ने मां-बेटियों को घर में प्रवेश दिलाने की कोशिश की, आरोपी बालेश कुमार गुस्से में छत पर चढ़ गया और नीचे खड़ी भीड़ पर पत्थर फेंकने लगा। अचानक हुए हमले से भीड़ में भगदड़ मच गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान कोमल गुर्जर पत्थर लगने से घायल हो गईं।

छह दिन से घर से बेघर थीं मां-बेटियां
जानकारी के मुताबिक, बालेश ने छह दिन पहले अपनी पत्नी गीता देवी और बेटियां आंचल व आरजू को घर से निकाल दिया था। तब से तीनों गांव में दर-दर भटक रही थीं। परिजनों के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है, जो फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि बालेश लगातार उन्हें परेशान करता है और घर में घुसने नहीं देता। समाजसेवी महिलाओं ने पुलिस की मौजूदगी में तीनों को किसी तरह घर में दाखिल कराया।

समाजसेवियों ने की कार्रवाई की मांग
महिला समाजसेवियों ने इस घटना को ‘शर्मनाक और अमानवीय’ बताते हुए कहा कि यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लगभग दो घंटे की मेहनत के बाद स्थिति पर काबू पाया। एसपी (सिटी) व्योम बिंदल ने बताया कि यह मामला पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा है। समाजसेवियों की मदद से जब पत्नी-बेटियों को घर में दाखिल कराया जा रहा था, तभी पति ने नाराज होकर छत से पथराव शुरू कर दिया। फिलहाल, पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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