दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (डीएसईयू) के छठे स्थापना दिवस के मौके पर शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी को ‘भारत की कौशल राजधानी’ बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

गृह, उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री की भी जिम्मेदारी संभालने वाले सूद ने कार्यक्रम में कहा कि डीएसईयू की पहुंच और प्रभाव को दिल्ली से बाहर तक लेकर जाना सरकार का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां केवल एक मंत्री के रूप में ही नहीं बल्कि कौशल विकास के माध्यम से हो रहे परिवर्तन में एक भागीदार के रूप में भी हूं। शासन का मतलब पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं पहुंचाना है।’’

सूद ने डीएसईयू को शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के एक साथ आगे बढ़ने वाले कौशल भारत दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित लंबे समय से लंबित मुद्दों को समयबद्ध तरीके से हल करने के लिए जल्द ही एक समिति का गठन किए जाने की भी घोषणा की।

शिक्षा सुधारों पर सरकार के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के सिद्धांत के अनुरूप काम कर रही है। डीएसईयू के कुलपति अशोक कुमार नागावत ने कहा कि डीएसईयू भारत का पहला विश्वविद्यालय है जिसने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को पूरी तरह से लागू किया है।

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