छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक सरकारी प्राथमिक स्कूल से जुड़ा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हलचल पैदा कर दी है। स्कूल में मिड डे मील बनाने वाली एक महिला सहायिका ने स्कूल के प्रधान पाठक पर गंभीर दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि वह लंबे समय से मानसिक दबाव और अनुचित व्यवहार का सामना कर रही थी। महिला के अनुसार, प्रधान पाठक उस पर बार-बार शारिरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था और उसने कार्यस्थल की मर्यादा को पूरी तरह नजरअंदाज किया। मामला तब और बिगड़ गया जब कथित तौर पर हेडमास्टर ने अपनी अश्लीलता की नुमाइश की।

वीडियो सामने आने के बाद हरकत में प्रशासन

घटना से जुड़ा एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद बलरामपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मणिराम यादव ने संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। उन्होंने कुसुमी तहसील के शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले की विस्तृत जांच सौंप दी है। DEO ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रधान पाठक ने आरोपों से किया इनकार

वहीं, आरोपों के घेरे में आए प्रधान पाठक बीरबल यादव ने खुद को निर्दोष बताते हुए सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया गया है और उन्होंने कोई अनुचित हरकत नहीं की।

अन्य महिलाओं ने भी खोली जुबान

मामले की जानकारी मिलने के बाद सर्व आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष सुनील नाग गांव पहुंचे। उनके सामने गांव की कई आदिवासी महिलाओं ने भी प्रधान पाठक के व्यवहार को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं। महिलाओं का आरोप है कि आरोपी शिक्षक रास्ते में रोककर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता था, जिससे वे लंबे समय से असहज और भयभीत थीं। सुनील नाग ने बताया कि ग्रामीणों के लिखित आवेदन के आधार पर वे प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर आरोपी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग करेंगे।

बच्चों के साथ मारपीट के आरोप भी लगे

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रधान पाठक नशे की हालत में स्कूल आता था और स्कूली बच्चों के साथ मारपीट करता था। उनका कहना है कि बच्चों को बेवजह धमकाया जाता था, जिससे स्कूल का माहौल डर और तनाव से भरा हुआ है।

जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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