देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों हाल बेहाल है। बारिश और बाढ़ की वजह से दिल्ली की हालत असम-बिहार जैसी हो गई है। दिल्ली इन दिनों बारिश और बाढ़ की दोहरी मार झेल रही है। यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है, जिससे दिल्ली के निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए। बुधवार शाम को स्थिति इतनी बिगड़ गई कि यमुना का पानी दिल्ली सचिवालय की चौखट तक पहुंच गया। इतनी ही नहीं मयूर बिहार में बनाए गए बाढ़ रिलीफ कैंप भी बाढ़ की चपेट में आ गया।
यमुना उफान पर है और उसके जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। तस्वीरें और वीडियो जो सामने आ रही है, उसे देखकर लगता है कि यमुना अपने तेज धार में सबकुछ बहाकर लेकर जाने को व्याकुल है। नदी के किनारे का पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। जहां तक नजरें जा रही पानी ही पानी नजर आ रहा हैं। बदरपुर, ट्रांस-यमुना क्षेत्र, खासकर मयूर विहार फेज-1, यमुना बाजार और नजफगढ़ क्षेत्र के झरोड़ा कलां गांव पूरी तरह जलमग्न हो गया है।
बाढ़ राहत कैंप तक पहुंचा पानी
यमुना के आसपास के इलाकों में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए अस्थायी कैंपों तक पानी पहुंच चुका है। मयूर विहार फेज-1 के पास लगाए गए कई राहत शिविरों में देर रात बाढ़ का पानी पहुंच गया। राहत शिविर में शरण लेने आए लोगों की मुसीबत दोगुनी हो गई है। हथिनीकुंड बराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
NH-44 पर सड़क धंसी
भारी बारिश और बाढ़ की वजह से कई जगह सड़कें टूट गई है। अलीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर फ्लाईओवर का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण धस गया। जिसमें एक वाहन फंस गया और ड्राइवर घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार बारिश की वजह से फ्लाईओवर के नीचे की मिट्टी लगातार कट रही है और यदि समय रहते ट्रैफिक रोका नहीं गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
दिल्ली सचिवालय हुआ पानी-पानी
बाढ़ का पानी सरकारी दफ्तर तक पहुंच गया है। दिल्ली सचिवालय, जो यमुना के किनारे स्थित है, वहां पानी के प्रवेश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पानी को रोकने के लिए मोटी दीवार और ऊंचे बांध बनाए गए है। मगर यमुना इतने रौद्र रूप में है कि सारी दीवारों को पार कर पानी सरकार की चौखट तक पहुंच गई है। दिल्ली सचिवालय के अंडरपास में तेजी से पानी भर रहा है।
यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर को पार कर गया है। बुधवार तड़के तक यमुना का जलस्तर 207.47 मीटर पर स्थिर बना हुआ है। देर रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक जलस्तर में न तो इजाफा हुआ और न ही कमी आई। हालांकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है। गीता कॉलोनी, निगम बोध घाट, आईटीओ से लेकर सरकारी दफ्तरों, आवासीय कॉलोनियों और बाजारों तक यमुना का पानी पहुंच चुका है।
प्रशासन की लोगों से अपील
हथिनीकुंड बराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, लेकिन बढ़ते जलस्तर ने चुनौतियां बढ़ा दी हैं। दिल्लीवासियों के लिए यह समय संकट भरा है। प्रशासन से अपील की जा रही है कि प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत पहुंचाई जाए और बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगातार जारी है।
