जम्मू-कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहलगाम में बीते मंगलवार दोपहर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी, जिसमें 26 बेगुनाह लोगों की जान चली गई। आतंकियों ने धार्मिक पहचान पूछ-पूछकर लोगों को पर गोलियां बरसाई। इस आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस बीच बोकारो के युवक ने पहलगाम आतंकी हमले पर खुशी जताई है।

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पहलगाम आतंकी हमले पर झारखंड के युवक ने जताई खुशी
दरअसल, एक युवक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर खुद को इस्लामिक वकील और झारखंड का बोकारो निवासी बताया है, उसने लिखा, ‘शुक्रिया पाकिस्तान, शुक्रिया लश्कर-ए-तैयबा, अल्लाह तुम्हें हमेशा खुश रखे, आमीन, आमीन। हमें ज्यादा खुशी होगी अगर आरएसएस, बीजेपी, बजरंग दल और मीडिया को निशाना बनाया जाए।” इतना ही नहीं युवक ने एक और पोस्ट शेयर कर लिखा ”हर लम्हा 24 घंटे शबाना रोज पुरे साल #Pahalgam में भारी फोर्स की मौजूदगी होती है। बावजूद इसके हिंदू भाइयों का कत्ल ए आम हशतगर्द तंजीम BJP की बड़ी साजिश है। पुलवामा की तरह, मज़हबी सफ़र अमरनाथ से कब्ल यह हमला उमर अब्दुल्ला को बदनाम करने की बड़ी साजिश है।” वहीं, इस पोस्ट ने बवाल मचा दिया है।  

आतंकी हमले में 26 लोगों की चली गई जान
बता दें कि बीते मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई है जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। आतंकियों ने घोड़े की सवारी कर रहे, खाने का आनंद ले रहे और पिकनिक मना रहे लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस कायराना हमले की एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आतंकवादियों ने जानबूझकर सिर्फ पुरुषों को ही निशाना बनाया जबकि महिलाओं को बख्श दिया। हमले के शिकार हुए ज्यादातर लोग पर्यटक थे जो कश्मीर की खूबसूरती का आनंद लेने आए थे। इस दुखद घटना में मरने वालों में गुजरात के 3 पर्यटक शामिल हैं। इसके अलावा पहलगाम के स्थानीय निवासी सैयद आदिल हुसैन शाह भी इस हमले में अपनी जान गंवा बैठे। महाराष्ट्र ने इस आतंकी हमले में अपने 5 नागरिकों को खो दिया। मृतकों की पहचान हेमंत सुहास जोशी और संजय लक्ष्मण लाली के रूप में हुई है जो मुंबई के रहने वाले थे।

इसके अलावा अतुल श्रीकांत मोनी, संतोष जागड़ा और कस्तुबा गान्वोते भी महाराष्ट्र के ही निवासी थे। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के सुशील नथानियल भी इस हमले का शिकार हो गए। वह अपनी पत्नी का जन्मदिन मनाने के लिए कश्मीर गए थे। सुशील एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आतंकवादियों ने पहलगाम में सिर्फ पुरुषों को ही निशाना बनाया। उन्होंने महिलाओं पर कोई गोली नहीं चलाई जिससे इस हमले के पीछे की मंशा और भी संदिग्ध हो जाती है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पहलू पर भी गहन जांच कर रही हैं कि आतंकियों ने ऐसा क्यों किया। वहीं, हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है।

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