वोट चोरी पर घमासान के बीच मुजफ्फरपुर की मेयर के 2 EPIC नंबर होने और उनके परिजनों के फर्जी वोट होने का दावा किया गया है। इस मामले में अब मुजफ्फरपुर की मेयर निर्मला देवी की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि 2 एपिक नंबर को लेकर DM मुजफ्फरपुर ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया है। बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके BJP नेता और मुजफ्फरपुर की मेयर निर्मला देवी 2 एपिक नंबर होने का खुलासा किया था।

क्या आरोप लगाया था तेजस्वी ने‌?

बता दें कि तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि निर्मला देवी के पास 2 EPIC नंबर REM1251917 और GSB1835164 हैं। इन दोनों नंबस से उनके 2 अलग-अलग वोट अलग-अलग पोलिंग बूथ पर एक ही विधानसभा क्षेत्र में हैं। दोनों EPIC कार्ड में निर्मला देवी की उम्र भी अलग-अलग है। बिहार SIR में इन्होंने 2 अलग-अलग फॉर्म भरे थे।

इसलिए तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया है कि क्या निर्मला देवी ने बिहार SIR के दोनों अलग-अलग फॉर्म पर 2 अलग-अलग साइन किए हैं‌? चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2 अलग-अलग EPIC कार्ड, 2 अलग-अलग उम्र के साथ एक ही विधानसभा क्षेत्र में निर्मला देवी के 2 अलग-अलग वोट आखिर बन कैसे गए?

निर्मला देवी के देवरों के भी 2 EPIC कार्ड

तेजस्वी यादव ने कहा कि निर्मला यादव के 2 देवर मनोज कुमार और दिलीप कुमार हैं, जिनके पिता का नाम अशर्फी लाल है। मनोज और दिलीप के भी 2 अलग-अलग EPIC कार्ड के साथ 2 अलग-अलग पोलिंग बूथ पर 2 अलग-अलग वोट बने हैं। इसका मतलब यह है कि इन्होंने भी बिहार SIR में 2 अलग-अलग फॉर्म भरे होंगे और 2 अलग-अलग साइन किए होंगे। ऐसा चुनाव आयोग की मिलीभगत से ही हो सकता है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि जब चुनाव आयोग एक ही विधानसभा में खुद ऐसा कर रहा है तो फिर SIR का मतलब क्या रह जाता है? इसका अर्थ है कि चुनाव आयोग BJP समर्थकों के एक ही घर में अनेक फर्जी वोट बनवा रहा है। निर्मला देवी मुजफ्फरपुर से BJP की संभावित प्रत्याशी हैं तो क्या चुनाव आयोग चुनाव जीतने में इनकी मदद करने के लिए इनके पक्ष में फर्जी वोट बनवा रहा है?

विपक्ष के वोट काटने का आरोप भी लगाया

तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग विपक्ष के वोट काटने में युद्धस्तर पर काम कर रहा है और BJP के पक्ष में जोड़े जा रहा है। बड़े-बड़े लोगों का एक ही विधानसभा में 2 अलग-अलग EPIC कार्ड 2 अलग-अलग उम्र के साथ 2 अलग-अलग पोलिंग बूथ के बनाकर दे रहा है। यह चुनाव आयोग की बेईमानी नहीं है तो क्या है? बिहार की जनता साल 2020 से जानती है कि यह लोग वोट चोर हैं।

मात्र 12756 वोट के अंतर से धांधली करके इन्होंने हमें 15 सीटों में जबरन चुनाव हरवा दिया। अबकी बार जनता इनका ऐसा इलाज करेगी और उन्हें ऐसा भगाएगी कि इनके साथ-साथ इनकी आने वाली नस्लें भी याद रखेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहीं कोई करिश्मा नहीं है, बल्कि यह लोग चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थानों के बल पर धांधली और हेराफेरी करके वोटों की चोरी कर सरकार बना रहे हैं।

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