3 मार्च से शुरू होने जा रहे विधानसभा के बजट सत्र के लिए विधायकों को 10 फरवरी तक 10 तारांकित और इतने ही अतारांकित प्रश्न विधानसभा सचिवालय में भेजने के लिए कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 की धारा 18(1) के तहत 3 मार्च को विधानसभा सत्र को समन किया है। इस संबंध में शुक्रवार को विधानसभा के सचिव मनोज कुमार पंडित ने आदेश जारी किया।
आदेश के तहत विधायक 3 बिल व 4 प्रस्ताव भी सत्र के दौरान गौर के लिए पेश कर सकते हैं। बिल 10 फरवरी व प्रस्ताव 16 फरवरी तक विधायकों को भेजने के लिए कहा गया है। जम्मू कश्मीर में विधानसभा का आखिरी बजट सत्र साल 2018 में हुआ था। ऐसे में करीब 7 साल के बाद होने जा रहे विधानसभा के बजट सत्र के लिए जम्मू में विधानसभा को सजाने व व्यवस्थाओं को पूरा करने का काम जोरशोर से जारी है। सत्र के लिए सत्तापक्ष नैशनल कांफ्रैंस भी तैयारी में जुटी हैं।
विधानसभा चुनाव नैशनल कांफ्रैंस और कांग्रेस ने गठबंधन में लड़ा था लेकिन कांग्रेस सरकार में शामिल नहीं हुई। वहीं विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी भी विभिन्न मुद्दों पर नैशनल कांफ्रैंस की सरकार को घेरने के लिए बजट सत्र के लिए तैयारी में जुटी हुई है।
बजट सत्र के दौरान जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करवाने के मुद्दे के गर्माने के आसार हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर ही सरकार में शामिल नहीं होने की बात कर रही है। वहीं सत्तापक्ष नैशनल कांफ्रैंस के विधायक व मंत्री भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष जोरदार तरीके से रख सकते हैं।