जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को कड़े संदेश के साथ शुरू हुआ। सत्र के पहले ही दिन संभावित हंगामे के संकेतों के बीच स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सदन की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन उन्हें मर्यादा और सम्मान के साथ व्यक्त किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोगों को विधानसभा में अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है। राथर ने कहा, “लोग समाधान चाहते हैं, रुकावटें नहीं। आप उन्हें गड़बड़ी करके संतुष्ट नहीं कर सकते। मतदाता देख रहे हैं कि आप उनकी समस्याओं को कैसे उठा रहे हैं।”

स्पीकर ने सदस्यों को आश्वासन दिया कि बजट सत्र के दौरान उन्हें अपने मुद्दे उठाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) ने फैसला किया है कि बजट के पहले हिस्से में दो बैठकें होंगी।

उन्होंने दोहराया कि वह सदन में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेंगे। राथर ने कहा, “मेरी भूमिका सदन में अनुशासन बनाए रखना है, और मैं अनुशासनहीनता की अनुमति नहीं दूंगा।”

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