वृंदावन के प्रसिद्ध रंगजी मंदिर में चल रहे ब्रह्मोत्सव रथ मेले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस ने एक फर्जी दरोगा को रंगे हाथों दबोच लिया। हाथरस का रहने वाला एक युवक अपने सब-इंस्पेक्टर पिता की वर्दी चोरी छिपे पहनकर मेले में लोगों पर धौंस जमा रहा था। लेकिन उसकी एक छोटी सी गलती (बढ़ी हुई दाढ़ी) ने असली पुलिसकर्मियों को शक में डाल दिया और उसका सारा खेल बिगड़ गया।
भीड़ के बीच खुद को दिखा रहा था असली साहब
पकड़े गए युवक की पहचान हाथरस जिले के मुरसान निवासी शिवम चौधरी के रूप में हुई है। मेले की भारी भीड़ के बीच शिवम दरोगा की वर्दी पहनकर घूम रहा था। वह न केवल लोगों पर रौब झाड़ रहा था, बल्कि खुद को असली पुलिस अधिकारी साबित करने की पूरी कोशिश कर रहा था। वहां तैनात असली पुलिसकर्मियों की नजर जब उस पर पड़ी, तो उसकी बढ़ी हुई दाढ़ी और संदिग्ध हाव-भाव देखकर उन्हें शक हुआ।
पूछताछ में खुला वर्दी का राज
जब पुलिस ने शिवम को रोककर पूछताछ की, तो वह घबरा गया। कड़ाई से पूछने पर उसने बताया कि उसके पिता हरिपाल सिंह बुलंदशहर में सब-इंस्पेक्टर हैं। वह अपने पिता की वर्दी घर से चुराकर पहन आया था ताकि मेले में अपना रुतबा दिखा सके। जब पुलिस उसे पकड़कर ले जाने लगी, तो उसने विरोध भी किया, लेकिन उसकी एक न चली।
पिता का दावा- बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं
पुलिस ने जब शिवम के परिजनों को सूचना दी, तो उसके पिता ने चौंकाने वाला दावा किया। पिता के मुताबिक, शिवम की मानसिक हालत ठीक नहीं है और उसका इलाज चल रहा है। इसी बीमारी के चलते उसने ऐसी हरकत की है। हालांकि, पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या वह सच में बीमार है या उसने जानबूझकर ठगी या रौब झाड़ने के इरादे से यह स्वांग रचा था।
मेले में गिरफ्तारी बनी चर्चा का विषय
रंगजी मंदिर के मेले में इस ‘फर्जी दरोगा’ की गिरफ्तारी काफी देर तक चर्चा का विषय बनी रही। लोग इस बात से हैरान थे कि पुलिस के नाक के नीचे कोई इतनी बड़ी हिम्मत कैसे कर सकता है। फिलहाल, वृंदावन पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
