लखनऊ में चलती एसी बस में आग लगने से 5 लोगों की जलकर मौत हो गई है। जांच में पता चला है कि एसी बस का परमिट 2023 में ही समाप्त हो गया था। पिछले करीब 2 साल से यह बस बेरोकटोक सड़क पर दौड़ रही थी। घटना के समय बस का इमरजेंसी गेट भी नहीं खुल पाया था। जिसके चलते लोग बस से नहीं निकल सके और उनकी मौत हो गई। अब इस पूरे मामले का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद संज्ञान लिया है।
5 की मौत और 8 लोग झुलसे
दरअसल स्लीपर बस बिहार के बेगूसराय से दिल्ली जा रही थी चलती एसी बस में आग लग गई मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 4.40 बजे आउटर रिंग रोड मोहनलालगंज के पास हुआ हादसे में 5 यात्रियों की जलकर मौत हो गई मृतकों में मां-बेटी, भाई-बहन और एक युवक है। बताया जा रहा है कि इस घटना में करीब 8 लोग बुरी तरह झुलस गए हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच के दौरान पता चला है कि बस में करीब 80 यात्री थे। बस में धुआं देखा ड्राइवर और कंडक्टर बस छोड़कर भाग गए। जिसके बाद यात्रियों में भगदड़ मच गई। ड्राइवर की सीट के पास एक एक्स्ट्रा सीट लगी थी ऐसे में यात्रियों को नीचे उतरने में दिक्कत हुई। कई यात्री फंसकर गिर गए।
इमरजेंसी गेट नहीं खुलने पर फंसे लोग
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग की टीम को दी। मौके पर भारी पुलिस और दमकल की टीम पहुंची, लेकिन तब तक बस पूरी तरह से जल चुकी थी। दमकल की टीम ने करीब 30 मिनट तक बस पर पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया। शुरुआती जांच में पता चला है कि चलती बस में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। इमरजेंसी गेट नहीं खुल पाने के कारण पीछे लोग फंस गए।
आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई
उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अभी तक की जांच में पता चला है कि यह बस बागपत से रजिस्टर्ड है। इस बस का परमिट 2023 में ही समाप्त हो चुका था। इस घटना की जांच की जा रही है। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
