शहर में रेप के झूठे मुकदमे दर्ज कराकर रंगदारी वसूलने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है। क्राइम ब्रांच ने शनिवार रात दिल्ली से एक युवक और एक युवती को गिरफ्तार किया। पकड़ा गया युवक शैलेंद्र यादव उर्फ टोनू है, जो अधिवक्ता अखिलेश दुबे का करीबी बताया जा रहा है। जांच में सामने आया कि टोनू ही वह व्यक्ति है, जो महिलाओं और लड़कियों को दुबे तक सप्लाई करता था। इन्हीं के जरिए रसूखदारों और विवादित मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ झूठे रेप केस दर्ज कराए जाते थे।

पहले से ही जेल में है अखिलेश दुबे 
बर्रा पुलिस ने कुछ समय पहले भाजपा नेता रवि सतीजा पर झूठा मुकदमा लिखवाने और रंगदारी मांगने के मामले में अधिवक्ता अखिलेश दुबे को जेल भेजा था। अब पुलिस की जांच में सामने आया कि दुबे का पूरा नेटवर्क टोनू और उसके जरिए जुड़े महिलाओं पर निर्भर था। दुबे की गिरफ्तारी के बाद टोनू और लड़कियां फरार हो गए थे।

झूठे मुकदमों का नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि दुबे लड़कियों को 50 हजार से 2 लाख रुपए तक देता था। नाबालिगों को तो कुछ मामलों में 5 लाख रुपए तक मिले। मुकदमों में पीड़िता का पूरा पता जानबूझकर दर्ज नहीं किया जाता था। दुबे पुलिस अधिकारियों की नजदीकी का फायदा उठाकर सीधे आदेश पर या कोर्ट की मदद से झूठे मुकदमे दर्ज कराता था। अधिकतर मुकदमे शहर के अमीर और प्रभावशाली लोगों पर दर्ज कराए जाते थे। मकसद था—रंगदारी वसूली और जमीनी विवादों का निपटारा।

सिंडीकेट के बड़े राज उजागर
पूछताछ में टोनू ने बताया कि SIT के गठन के बाद दुबे ने कई वादिनियों को छत्तीसगढ़ भेज दिया था। वहां उन्हें 10 लाख रुपए देकर ठहराया गया और खाने-रहने का इंतजाम भी दुबे ने ही कराया। पुलिस की टीम अब यूपी और छत्तीसगढ़ में दबिश देकर इन महिलाओं और लड़कियों को बरामद करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस पूरे रेप सिंडीकेट का खुलासा कर दिया जाएगा।

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