महाराष्ट्र और बिहार चुनावों पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ट्वीट पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का बयान सामने आया है। पवन खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी के सवाल भारत के चुनाव आयोग के लिए हैं। भाजपा उनका जवाब क्यों दे रही है? उन्होंने कहा कि हमारे सवाल बहुत स्पष्ट हैं… 2019 से 2024 तक पांच साल में महाराष्ट्र में मतदाता सूची में 31 लाख नए मतदाता जुड़े। पांच महीने में मतदाता सूची में 41 लाख नए मतदाता कैसे जुड़ सकते हैं?
खेड़ा ने कहा कि शाम 5 बजे वे 58.22 प्रतिशत मतदान का अनंतिम मतदान दिखा रहे हैं, और अंतिम मतदान 66 प्रतिशत है। 8 प्रतिशत की वृद्धि कैसे हो सकती है? उन्होंने हमें वीडियोग्राफी उपलब्ध नहीं कराई… उन्हीं 12,000 बूथों से नए मतदाता कैसे आ सकते हैं, जहां भाजपा लोकसभा चुनाव हार गई थी और भाजपा विधानसभा चुनाव जीती थी? भारत के मुख्य न्यायाधीश को मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन करने वाली समिति से क्यों हटाया गया?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि 2024 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव ‘‘लोकतंत्र में धांधली का ब्लूप्रिंट’’ था। उन्होंने कहा कि यह ‘‘मैच फिक्सिंग’’ अब बिहार में भी दोहराई जाएगी और फिर उन जगहों पर भी ऐसा ही किया जाएगा, जहां-जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हार रही होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘‘मैच फिक्स’’ किए गए चुनाव लोकतंत्र के लिए जहर हैं। उन्होंने कहा कि जो पक्ष धोखाधड़ी करता है, वो भले ही जीत जाए, लेकिन इससे लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर होती हैं और जनता का नतीजों से भरोसा उठ जाता है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर गांधी ने चुनाव में कथित अनियमितता के बारे में चरणबद्ध तरीके से बताया है कि कैसे मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं को जोड़ा गया, मतदान प्रतिशत बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया गया, फर्जी मतदान कराया गया और बाद में सबूतों को छिपा दिया गया।
गांधी ने ‘दैनिक जागरण’ और ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ अखबार में प्रकाशित लेख की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘चुनाव की चोरी का पूरा खेल! 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लोकतंत्र में धांधली का ब्लूप्रिंट था।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘मैंने अपने लेख में चरण दर चरण विस्तार से बताया है कि कैसे यह साजिश रची गई : चरण 1: निर्वाचन आयोग की नियुक्ति करने वाली समिति पर कब्जा किया गया। चरण 2: फर्जी मतदाताओं को सूची में जोड़ा गया। चरण 3:मतदान प्रतिशत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया। चरण 4: जहां भाजपा को जिताना था, वहां लक्षित करके फर्जी मतदान कराया गया। चरण 5: सबूतों को छिपा दिया गया।’’
