देशभर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही ठगी की घटनाएं अब डरावना रूप लेती जा रही हैं। इस बार इसका शिकार कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि एक रिटायर्ड IAS अधिकारी बने हैं।
कौन हैं पीड़ित?
पीड़ित का नाम कृपाशंकर गौतम है, जो केंद्रीय मंत्रालय में संयुक्त निदेशक के पद से रिटायर हुए हैं। हाल ही में उन्हें साइबर ठगों ने दो दिन तक डिजिटल तौर पर बंधक बनाकर करीब 12 लाख रुपए की ठगी कर ली।
कैसे हुई शुरुआत?
2 सितंबर को कृपाशंकर गौतम को एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल पर एक महिला थी, जिसने खुद को एयरटेल कंपनी की कर्मचारी बताया। उसने कहा कि आपका सिम 2 घंटे में बंद होने वाला है। जब कृपाशंकर ने कारण पूछा, तो महिला ने कहा कि आपके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है।
फिर शुरू हुआ ‘डिजिटल अरेस्ट’ ड्रामा
थोड़ी देर बाद उन्हें एक वीडियो कॉल आई, जिसमें एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था। वीडियो कॉल में दिखाया गया कि उनके खिलाफ पांच गिरफ्तारी वारंट जारी हैं। एक नकली सांसद (MP), पुलिस अधिकारी और बैंक मैनेजर ने मिलकर उन्हें धमकाया। उन्हें कहा गया कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
