बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया मीठी नदी की सफाई से जुड़े 65 करोड़ रुपये के घोटाले के की धन शोधन जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष गुरूवार को पेश हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया कि ईडी ने पूछताछ के लिए मोरिया को तलब किया था और वह पूर्वाह्न करीब साढ़े 10 बजे दक्षिण मुंबई के बैलार्ड एस्टेट स्थित संघीय एजेंसी के कार्यालय पहुंचे।

आधिकारिक सूत्रों ने पूर्व में बताया था कि ईडी ने छह जून को मुंबई और केरल के कोच्चि में 15 से अधिक जगहों पर छापेमारी की थी।

इन परिसरों में बांद्रा (पश्चिम) इलाके में डिनो मोरिया का घर, उनके भाई सैंटिनो से जुड़े परिसर, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के कुछ अधिकारी और ठेकेदारों के परिसर शामिल थे।

सूत्रों के मुताबिक, बीएमसी को गाद निकालने के उपकरण मुहैया कराने वाली कंपनियों में शामिल ‘मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ कोच्चि में स्थित है इसलिए वहां छापेमारी की गई।

सूत्रों ने बताया कि जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की जा रही है।

धन शोधन का यह मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एक प्राथमिकी से सामने आया है, जो मीठी नदी से गाद निकालने के लिए 2017 से 2023 तक दिए गए ठेकों में 65.54 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में दर्ज की गई थी।

मीठी नदी मुंबई से होकर बहती है और शहर के लिए वर्षा जल निकासी मार्ग के रूप में कार्य करती है।

बीएमसी पर 1997 से 2022 तक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना का नियंत्रण था। 2022 से इसका नियंत्रण राज्य सरकार के पास था और उस समय नगर निगम का नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे थे।

पुलिस ने शिकायत में आरोप लगाया कि गाद निकालने के लिए विशेष ‘ड्रेजिंग’ उपकरण किराए पर लेने की निविदा में कुछ आपूर्तिकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए हेरफेर किया गया था।

इस मामले में पिछले महीने मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 49 वर्षीय अभिनेता और उनके भाई से पूछताछ की थी।

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