मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। ईरान के हमलों का दायरा बढ़ते हुए अब संयुक्त अरब अमीरात तक पहुंच गया है, जहां एक अहम एयरबेस पर हमला हुआ। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई जान नहीं गई, लेकिन खतरा लगातार गहराता जा रहा है।ऑस्ट्रेलिया सरकार ने पुष्टि की है कि ईरान द्वारा किया गया एक हमला अल मिनहाद एयर बेस (UAE) के एक हिस्से को प्रभावित कर गया। यह एयरबेस लंबे समय से ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (ADF) की मौजूदगी का अहम केंद्र रहा है।
🇦🇪🇮🇷 Dubai, UAE: Iran launched a missile attack using a Khorramshahr-4 missile. The target was likely the Al Minhad Air Base, which is a major logistics and operational hub for foreign forces in the region. pic.twitter.com/faJvOOLwwb
— Argonaut (@FapeFop90614) March 18, 2026
सरकारी बयान के मुताबिक, इस हमले में कोई ऑस्ट्रेलियाई सैनिक घायल नहीं हुआ और सभी सुरक्षित हैं। हालांकि हमले के कारण बेस के अंदर मौजूद मेडिकल सुविधा और आवासीय ब्लॉक को हल्का नुकसान पहुंचा है। एंथनी अल्बनीज ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 9:15 बजे एक “ईरानी प्रोजेक्टाइल” बेस के पास सड़क पर गिरा, जिससे आग लग गई। इस आग के कारण आसपास के सैन्य ढांचे को नुकसान हुआ। हमले की प्रकृति अभी स्पष्ट नहीं है यह ड्रोन था या मिसाइल, इसकी जांच जारी है। हालांकि यह घटना मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का संकेत दे रही है।यह एयरबेस केवल ऑस्ट्रेलिया ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन और अमेरिका की सेनाओं के लिए भी एक अहम लॉजिस्टिक और निगरानी केंद्र है, जहां 100 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई सैनिक तैनात हैं।
Australian Prime Minister Anthony Albanese said an Iranian projectile on Wednesday hit near its Al Minhad Air Base in the United Arab Emirates, and that all Australian defense personnel were safe.pic.twitter.com/uM1mJj0FuO
— AZ Intel (@AZ_Intel_) March 18, 2026
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह इस युद्ध के दौरान दूसरी बार है जब इस बेस को निशाना बनाया गया है। इससे पहले भी एक ईरानी ड्रोन हमला हुआ था, लेकिन तब कोई नुकसान नहीं हुआ था।UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, युद्ध के पहले हफ्ते में ही करीब 1700 ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए, जिनमें से 90% को हवा में ही नष्ट कर दिया गया।रिचर्ड मार्ल्स ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता अपने सैनिकों की सुरक्षा है और हालात के अनुसार सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जा रहा है।
