बिहार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘महिला संवाद यात्रा’ को फिजूलखर्ची बताने वालों के दामन पर भ्रष्टाचार के कई गहरे दाग हैं। कुशवाहा ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि सत्ता में रहते हुए राजद ने सरकारी खजानों पर डाका डालने का काम किया था, लेकिन आज वही लोग फिजूलखर्ची का फर्जी ज्ञान बांटते नहीं थक रहे हैं।

उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि हमारे नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के 19 वर्षों के कार्यकाल में महिलाओं को न्याय और गरिमा दिलाने के लिए जिस वैचारिक शुद्धता और प्रतिबद्धता के साथ काम किया है, वैसा कोई दूसरा उदाहरण पूरे देश में नहीं। वहीं, दूसरी ओर 15 वर्षों के जंगलराज में महिलाओं की दुर्दशा भी जगजाहिर है। लालू-राबड़ी की सरकार ने कभी आधी आबादी के हितों की चिंता नहीं की। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गांधी, जेपी, कर्पूरी ठाकुर, डा.लोहिया और डा.अंबेडकर जैसे पुरोधा आधी आबादी को जो सम्मान और स्थान मिलने की बात करते थे, उसे हमारे नेता ने साकार किया है। नीतीश सरकार द्वारा महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई। साथ ही पुलिस में भी महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया और अब महिलाओं को सभी सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है।

कुशवाहा ने कहा कि शराबबंदी, दहेज बंदी, बाल विवाह बंदी, कन्या-सुरक्षा जैसे समाज-सुधार अभियानों के कारण महिलाओं की स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन हुए है और उनके जीवन-स्तर में स्पष्ट सुधार देखा जा सकता है। साथ ही ‘जीविका’ कार्यक्रम के तहत 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिससे महिला सशक्तिकरण की दिशा में अभूतपूर्व सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि ‘महिला संवाद यात्रा’ से एक तरफ प्रदेश की महिलाओं में खासा उत्साह है। वहीं दूसरी ओर राजद के तमाम नेतागण इसके विरोध में अनर्गल बयानबाजी कर अपने निकृष्ट और ओछी मानसिकता का प्रमाण प्रस्तुत कर रहे है, इससे उनका वास्तविक चेहरा भी बेनकाब हो रहा है।

 

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