प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को शराब घोटाले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग की चल रही जांच के सिलसिले में 15 मार्च को तलब किया है। जूनियर बघेल को संघीय एजेंसी के रायपुर कार्यालय में तलब किया गया है। यह तब हुआ जब ईडी ने दुर्ग जिले में भूपेश बघेल और उनके बेटे के ठिकानों सहित 14 ठिकानों पर छापेमारी की। घंटों चली छापेमारी के दौरान, संघीय एजेंसी – सीआरपीएफ की एक टीम के साथ – कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, दस्तावेज और लगभग 30 लाख रुपये जब्त किए।

तलाशी के दौरान जांच एजेंसी ने कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और दस्तावेज जब्त किए। चैतन्य के अलावा उनके कथित करीबी सहयोगी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ ​​पप्पू बंसल और अन्य के परिसरों की भी तलाशी ली गई। सूत्रों ने बताया कि छापेमारी सुबह करीब सात बजे शुरू हुई और ईडी के तलाशी दल के साथ सीआरपीएफ का सुरक्षा दल भी था। उन्होंने कहा कि चैतन्य बघेल अपने पिता के साथ भिलाई में रहते हैं, इसलिये उस परिसर पर भी छापेमारी की गयी। 

 शीर्ष अदालत ने 2024 में इस मामले में ईडी की पहली ईसीआईआर (प्राथमिकी) खारिज कर दी थी, जो आयकर विभाग की शिकायत पर आधारित थी। तब ईडी ने उसके द्वारा जुटाये गये सबूतों के आधार पर आरोपियों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू)/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को नयी प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया और फिर उसने खुद नया मामला दर्ज किया। ईओडब्ल्यू/एसीबी ने पिछले साल 17 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की थी तथा लखमा और पूर्व सचिव विवेक धंड समेत 70 व्यक्तियों एवं कंपनियों को नामजद किया था। उससे करीब एक माह पहले भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस को हराया था।

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