महाराष्ट्र में एक बार फिर ‘भाषा’ को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ता द्वारा लगातार गैर-मराठी लोगों को पीटे जाने के मुद्दे पर शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे ने बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि एमएनएस के कार्यकर्ताओं से कोई उम्मीद करना बेकार है। इसलिए शिवसेना (यूबीटी) लोगों को मराठी सिखाएगी।

शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “हाल के दिनों में आपने देखा होगा कि खबरें आ रही हैं कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ता गैर-मराठी भाषी लोगों पर हमला कर रहे हैं। वे उन्हें अपमानित कर रहे हैं और बोल रहे हैं कि उन्हें मराठी नहीं आती है। कुछ लोग ऐसे होंगे, जो रोजगार की तलाश में यहां आए होंगे और इसका मतलब यह नहीं है कि वे मराठी का सम्मान नहीं कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे कैसे सीखेंगे? उन्हें कौन सिखाएगा? तभी हमारे दिमाग में एक विचार आया कि हम उन्हें सिखाएंगे। इसके लिए बकायदा एक ट्यूटर हायर किया जाएगा, जो लोगों को मराठी भाषा सिखाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “महाराष्ट्र में लोगों को मराठी सिखाने के लिए हमारी ओर से एक नारा भी दिया गया है। एमएनएस वाले लोगों को बेइज्जत करेंगे और मारेंगे, लेकिन हम उन्हें मराठी भाषा प्यार से सिखाएंगे। यही फर्क है, उनके और हमारे संस्कार में। इस अभियान के तहत हम लोगों के बीच में जाएंगे और उन्हें मराठी सीखने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।”

आनंद दुबे ने मराठी सिखाने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा, “गैर-मराठी भाषी लोगों को मराठी सिखाने के निर्णय को वोटबैंक की राजनीति से न देखें। हमें उस समय बहुत दुख होता है जब किसी गरीब को भाषा के नाम पर मारा जाता है। इसलिए हमने उनके लिए मराठी सिखाने का फैसला किया। मैं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से भी कहूंगा कि वह लोगों को मारने के बजाय उन्हें मराठी सिखाने पर ध्यान दें।”

उन्होंने भाजपा और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पर साठगांठ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “भाजपा पहले तो पिटाई करवाती है और फिर उनके जख्मों पर मरहम लगाकर वोट ले लेती है। यूपी, बिहार और महाराष्ट्र में भाजपा की सरकारें हैं और अगर यहां गैर-मराठी मार खाता है तो यह भाजपा का ही दुर्भाग्य है।”

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