अगर झूठ को बार-बार बोला जाए तो वह सच नहीं बन जाता और आज डोनाल्ड ट्रंप का सबसे बड़ा झूठ उनके ही देश के सीनेटर ने बेनकाब कर दिया है। जिस ऑपरेशन को लेकर ट्रंप सालों से यह दावा करते रहे कि मैंने भारत-पाकिस्तान के बीच जंग रुकवाई। मैंने दो परमाणु देशों को तबाही से बचाया। आज उसी दावे की पोल खुल चुकी है। यह पोल यूएस सेनेट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन मार्क वार्नर ने खोली है। बता दें पिछले कई महीने में भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। सीमा पर आतंकवाद पाकिस्तान की तरफ से तो भारत की तरफ से जवाबी सैन्य कारवाई हुई। एयर और ग्राउंड लेवल पर मूवमेंट हुई। दुनिया भर के मीडिया ने कहना शुरू कर दिया कि दो परमाणु ताकतें आमने-सामने हैं। लेकिन भारत ने शुरू से एक बात साफ रखी यह भारतपाकि का मामला है। इसमें कोई तीसरा पक्ष दखल नहीं देगा। पाकिस्तान ने जरूर अमेरिका के घुटनों पर बैठकर गुहार लगाई। लेकिन भारत का स्टैंड बिल्कुल क्लियर था। 

कई मंचों से, कई इंटरव्यू में कई बार ट्रंप ने दावा किया कि अगर मैंने दखल नहीं दिया होता तो भारत-पाकिस्तान युद्ध में चले जाते। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि मैंने दोनों देशों से कहा कि अगर जंग जारी रही तो ट्रेड बंद टेररिफ लगा दूंगा। मतलब साफ-साफ ट्रंप खुद को वर्ल्ड पीस मेकर दिखाना चाहते थे और इसी नैरेटिव के दम पर ट्रंप नोबेल पीस प्राइज की उम्मीद लगाए बैठे थे। भारत ने इस पर क्या कहा? भारत ने कहा कि नो थर्ड पार्टी, नो यूएस मेडिटेशन। लेकिन भारत का जवाब सीधा था। भारत ने कहा कि हमें कोई थर्ड पार्टी नहीं चाहिए।  भारत ने साफ़ कहा कि तनाव पाकिस्तान की रिक्वेस्ट पर कम हुआ है। भारत ने किसी बाहरी दबाव में फैसला नहीं लिया है। 

भारत का ये स्टैंड तब भी मजबूत था और आज भी साबित हो चुका है कि वही सच था। अब असली धमाका यूएस सेनेटर मार्क वार्नर जो सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन है। यानी कि यूएस इंटेलिजेंस सिस्टम के टॉप लोगों में से एक है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा जानकारी इस बात का समर्थन नहीं करती है कि वाशिंगटन ने अकेले ही इस तनाव को सुलझाया। यहीं ट्रंप का दावा धराशाई हो गया। वार्नर आगे कहते हैं कि जो कुछ मैंने भारतीय सरकार खुफिया समुदाय और अमेरिकी इंटेलिजेंस कमेटी से सुना उससे साफ है कि ये मसला भारत-पाकिस्तान के बीच ही सुलझा। बता दें ये कोई पत्रकार नहीं बोल रहा है या फिर यह कोई इंडिया का आदमी नहीं बोल रहा है। यह बोल रहा है यूएस सेनेट इंटेलिजेंस कमेटी का चेयरमैन। वार्नर ने आगे यह भी कहा कि अमेरिका ने सहयोगी भूमिका निभाने की कोशिश की होगी। डिप्लोमेटिक चैनल्स खुले रहे होंगे लेकिन ट्रंप की सीधी दखल अंदाजी वॉर स्टॉपिंग क्लेम्स ट्रेड थ्रेट नैरेटिव्स सबको उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। 

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