नितिन नवीन सोमवार को निर्विरोध भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। वह इस पद पर आसीन होने वाले अब तक के सबसे युवा नेता हैं। बिहार के पांच बार के विधायक नवीन, पार्टी के शीर्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार थे, जिनके समर्थन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने नामांकन पत्र दाखिल किए। आज यानी मंगलवार को नवीन को औपचारिक रूप से भाजपा अध्यक्ष घोषित किया जाएगा। वह जेपी नड्डा का स्थान लेंगे, जो 2020 से लंबे समय से अध्यक्ष पद पर हैं।

37 सेट नामांकन पत्रों के साथ निर्विरोध चुनाव

नवीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के पक्ष में नामांकन पत्रों के 37 सेट दाखिल किए गए और सभी नामांकन पत्र वैध पाए गए। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी सहित कई वरिष्ठ नेता भी प्रस्ताव रखने वालों में शामिल हैं। नामांकन पत्रों के 37 सेटों में से 36 पार्टी की राज्य इकाइयों द्वारा दाखिल किए गए थे और एक सेट भाजपा संसदीय दल द्वारा प्रस्तुत किया गया था। इस अवसर पर निवर्तमान अध्यक्ष नड्डा, वरिष्ठ मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, किरेन रीजीजू, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नायब सैनी, प्रमोद सावंत, पेमा खांडू और पुष्कर सिंह धामी उपस्थित थे। 

राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन के पक्ष में कुल 37 नामांकन पत्र प्राप्त हुए। जांच करने पर सभी नामांकन पत्र निर्धारित प्रारूप में विधिवत भरे हुए और वैध पाए गए।” उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया 36 राज्यों में से 30 राज्यों के अध्यक्षों के चुनाव के बाद शुरू की गई, जो कि न्यूनतम 50 प्रतिशत राज्यों का चुनाव पूरा करने के लिए आवश्यक संख्या से कहीं अधिक है। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 1980 में हुई थी और उसी वर्ष नवीन का जन्म भी हुआ था। नवीन ने 2006 में अपने पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद राजनीति में कदम रखा, जो भाजपा विधायक थे। बिहार सरकार में कानून एवं न्याय, शहरी विकास एवं आवास मंत्री रह चुके नवीन को दिसंबर में भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। 
 

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