विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा से पहले श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। बदरी-केदार मंदिर समिति ने बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में होने वाली विशेष पूजा और आरती के शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। यह निर्णय हाल ही में हुई समिति की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। हालांकि, आम श्रद्धालुओं के लिए दोनों धामों में सामान्य दर्शन पहले की तरह मुफ्त ही रहेंगे।

क्या है नया फैसला?

समिति द्वारा संचालित इन दोनों प्रमुख धामों में रोजाना अलग-अलग प्रकार की विशेष पूजा और आरती आयोजित होती हैं। इनमें महाभिषेक, अभिषेक, भोग, अखंड ज्योति और अन्य धार्मिक अनुष्ठान शामिल हैं। इन विशेष पूजाओं में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को पहले से बुकिंग करानी होती है और निर्धारित शुल्क देना होता है।
अब नए फैसले के तहत इन शुल्कों में वृद्धि की गई है। समिति का कहना है कि यह कदम मंदिरों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाएं देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

बदरीनाथ धाम में बढ़े शुल्क

बदरीनाथ धाम में विभिन्न प्रकार की धार्मिक पूजाएं आयोजित की जाती हैं, जिनकी नई दरें इस प्रकार हैं:

  • श्रीमद्भागवत कथा: ₹51,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000
  • वेद-गीता पाठ: ₹2,500 से बढ़ाकर ₹3,100
  • कपूर आरती: ₹1,951 से बढ़ाकर ₹3,000
  • चांदी आरती: ₹2,731 से बढ़ाकर ₹5,100
  • महाभिषेक: ₹5,500
  • अभिषेक: ₹5,300
  • अखंड ज्योति (वार्षिक): ₹6,000
  • स्वर्ण आरती: ₹6,100

इसके अलावा खीर भोग, बाल भोग और महाभोग जैसी पूजाओं के शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है।

केदारनाथ धाम में नई दरें

केदारनाथ धाम में भी कई प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों के शुल्क बढ़ाए गए हैं:

  • लघु रुद्राभिषेक: ₹6,100 से बढ़ाकर ₹7,100
  • महाभिषेक: ₹11,500
  • रुद्राभिषेक: ₹7,500
  • दिनभर की पूजा: ₹28,600 से बढ़ाकर ₹51,000
  • शिव सहस्त्रनाम: ₹2,500

इसके अलावा अखंड ज्योति, कपूर आरती और अन्य दैनिक पूजाओं के शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है।

सामान्य दर्शन पर कोई असर नहीं

समिति ने स्पष्ट किया है कि आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था पहले की तरह निशुल्क ही रहेगी। शुल्क केवल विशेष पूजा, आरती और अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए ही लिया जाएगा।

क्यों बढ़ाए गए शुल्क?

समिति के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी बोर्ड बैठक में समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। बढ़ी हुई दरों से मंदिरों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाएगा और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

चारधाम यात्रा से पहले बड़ा असर

हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल होते हैं। ऐसे में यात्रा शुरू होने से पहले शुल्क में यह बदलाव काफी अहम माना जा रहा है। इसका असर खास तौर पर उन श्रद्धालुओं पर पड़ेगा जो विशेष पूजा और आरती में शामिल होना चाहते हैं। हालांकि, समिति का मानना है कि इससे यात्रा अनुभव और सुविधाएं पहले से बेहतर होंगी।

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