गोंडा में भाजपा जिला अध्यक्ष अमर किशोर कश्यप और एक महिला के वीडियो ने नया मोड़ ले लिया है। वीडियो में दिख रही महिला अब सामने आई है। उसने छपिया थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ IT एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा कि वीडियो को तोड़-मरोड़ कर वायरल किया गया है। इसका मकसद उसे और भाजपा नेता को बदनाम करना है।
क्या बोली महिला?
महिला ने कहा कि यह वीडियो राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने तहरीर में आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी और भाजपा जिलाध्यक्ष की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। महिला ने साफ किया कि अमर किशोर कश्यप उनके लिए बड़े भाई जैसे हैं।
बीमार थी, इसलिए मदद ली थी
महिला ने बताया कि 12 अप्रैल की रात वह लखनऊ से लौट रही थी, तबीयत खराब थी और चक्कर आ रहे थे। ऐसे में उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष को कॉल कर मदद मांगी। जिलाध्यक्ष उन्हें रेलवे स्टेशन से रिसीव कर पार्टी कार्यालय लेकर आए।
गिरने से बचाया, वीडियो का गलत मतलब निकाला
महिला ने बताया कि उन्होंने हील वाली सैंडल पहन रखी थी, जिससे सीढ़ियां चढ़ते वक्त उनका पैर फिसल गया। गिरने से पहले उन्होंने पीछे हाथ किया, तभी पीछे चल रहे जिलाध्यक्ष ने उन्हें थाम लिया और गिरने से बचाया। महिला ने दावा किया कि वायरल वीडियो में यही पल है, लेकिन कुछ लोग उसे गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।
मैं कोई बच्ची नहीं, दो बच्चों की मां हूं
महिला ने साफ कहा कि वह भाजपा कार्यकर्ता हैं और पिछले साढ़े तीन साल से जिलाध्यक्ष को जानती हैं। उनके पारिवारिक संबंध हैं। उन्होंने कहा- मैं कोई नादान बच्ची नहीं हूं, दो बच्चों की मां हूं। ऐसे में कोई मुझे बहका नहीं सकता। जो लोग यह अफवाह फैला रहे हैं, वे मेरी और अध्यक्ष जी की इज्जत से खेल रहे हैं।
मानहानि का दावा और महिला आयोग जाने की चेतावनी
महिला ने कहा कि अगर यह सब नहीं रुका तो वे कोर्ट में मानहानि का दावा करेंगी और महिला आयोग का दरवाजा खटखटाएंगी। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को सहारा देना गलत नहीं होता, और अगर आज उन्हें सहारा नहीं मिला होता तो उनका सिर फट सकता था।
राजनीति के चलते बनाया जा रहा निशाना
महिला ने अंत में दोहराया कि भाजपा जिला अध्यक्ष अमर किशोर कश्यप ‘बम बम जी’ उनके लिए परिवार जैसे हैं। वे उनके चरित्र और व्यवहार को भलीभांति जानती हैं। वीडियो को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है और अध्यक्ष को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
