बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ के आठवें दिन दिल्ली से वृंदावन तक की यात्रा के दौरान बीमार हो गए। यात्रा के दौरान बुखार और थकान के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। कोसीकलां की मंडी से शुरू हुई इस 15 किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को कमजोरी महसूस हुई। खासकर गांव अजीजपुर के पास नेशनल हाईवे पर चलते हुए वे कई बार सड़क पर लेट गए, क्योंकि उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी।
डॉक्टरों ने दी थी आराम करने की सलाह
डॉक्टरों ने पहले ही उन्हें आराम करने की सलाह दी थी, लेकिन सनातन धर्म के प्रति उनके प्रेम और लोगों के उत्साह को देखकर उन्होंने यात्रा रोकने की बजाय उसे जारी रखा। उनके साथ मौजूद महंत राजू दास, बद्रीनाथ वाले महाराज बाल योगेश्वर दास और अन्य सहयोगियों ने उन्हें आराम देने के लिए हवा की और सहारा दिया।
150 किलोमीटर लंबी है यात्रा
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यात्रा के उद्देश्य को फिर से स्पष्ट करते हुए कहा कि यह यात्रा 150 किलोमीटर लंबी है और इसका मुख्य उद्देश्य समाज में समरसता और हिंदू एकता बढ़ाना है। उनका कहना था कि वे इस यात्रा के माध्यम से देश में छुआछूत और भेदभाव को खत्म करना चाहते हैं।
