दिल्ली में यमुना का जलस्तर 206 मीटर के निशान को पार कर गया, जिससे बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का काम शुरू कर दिया गया।

अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी दी कि ‘ओल्ड रेलवे ब्रिज’ को सड़क व रेल यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

दिल्ली में नदी का पानी अनुमान से पहले सोमवार शाम को खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर गया था।

केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के बाढ़-निगरानी मंच के अनुसार, हरियाणा द्वारा यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में अधिक पानी छोड़े जाने के कारण  मंगलवार सुबह छह बजे तक ओल्ड रेलवे ब्रिज पर जलस्तर बढ़कर 206.38 मीटर पर पहुंच गया।

इसके मंगलवार शाम तक 206.75 मीटर तक बढ़ने की आशंका है। अधिकारियों के अनुसार, एहतियातन ओल्ड रेलवे ब्रिज को सड़क व रेल यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

दिल्ली की आबादी बढ़ गयी, पानी की निकासी की योजना नहीं बनाई

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि दिल्ली की आबादी 2014 के बाद से 50 लाख तक बढ़ गयी है, लेकिन उसके अनुरूप सीवर लाइन और पानी की निकासी के लिए योजना नहीं बनायी गयी, जिसकी वजह से, बारिश के बाद शहर में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण है और मैं यह सुनिश्चित करने का प्रयास करूंगा कि इस पर ध्यान दिया जाए, ताकि लोग हर साल उनके सामने आने वाली इन समस्याओं से मुक्त हो सकें।

पर्यटकों को निकालने गया हेलीकॉप्टर वापस लौटा

हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले में चंद्रताल झील क्षेत्र में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए भेजे गए भारतीय वायु सेना के एक हेलीकॉप्टर को खराब मौसम के कारण वापस लौटना पड़ा।

राज्य की कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

जिले में भारी बारिश और हिमपात के बाद चंद्रताल में शिविरों में करीब 300 लोग फंस गए हैं जिनमें से ज्यादातर पर्यटक हैं। पागल नाला तथा मंडी के विभिन्न हिस्सों में अब भी करीब 800 लोग फंसे हुए हैं।

उत्तराखंड में पांच की मौत

उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर मंगलवार को भी बारिश जारी रही जबकि पिछले 24 घंटों में पहाड़ों से भूस्खलन होने और बोल्डर गिरने से पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गयी और आठ अन्य घायल हो गए ।

लगातार बारिश से गंगा, यमुना तथा अन्य सभी नदियां उफान पर हैं जिससे कुछ स्थानों पर उनमें पुल भी बह गए हैं । जोशीमठ के पास सीमावर्ती इलाके में जुम्मागाड़ बरसाती नदी में बाढ आने से नीति घाटी को जोड़ने वाली जोशीमठ-मलारी सड़क पर बना पुल बह गया जिससे करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया ।

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