असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि धुबरी जिले के कई निवासियों के फोन नंबर कट्टरपंथी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) को कथित तौर पर उपलब्ध कराने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। जेएमबी यहां राज्य में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गिरफ्तार किया गया व्यक्ति एक भारतीय नागरिक है और वह जेएमबी को फोन नंबर मुहैया कराने वाला मुख्य माध्यम था। फोन नंबर उपलब्ध हो जाने के बाद जेएमबी के सदस्य उन लोगों को कट्टरपंथी बनाने के इरादे से फोन किया करते थे।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति अली हुसैन बेपारी को पहले भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वह जमानत पर बाहर था। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की सीमा से लगे धुबरी और दक्षिण सलमारा जिलों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘दक्षिण सलमारा पिछले पांच सालों से शांतिपूर्ण रहा है, लेकिन हाल के दिनों में धुबरी में कई गतिविधियां हुई हैं। इसलिए कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए हमने दुर्गापूजा के दौरान रात में देखते ही गोली मारने के आदेश जारी रखने का फैसला किया है।’’

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि योजना आयोग की पूर्व सदस्य सईदा हामिद के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी। हामिद ने कहा था कि बांग्लादेशी भी यहां रह सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर मैं प्राथमिकी दर्ज करा दूं, तो वह केस लड़ने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से चंदा इकट्ठा करेंगी। इससे उन्हें सिर्फ़ फ़ायदा ही होगा।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर वह असम वापस आती हैं तो राज्य सरकार कानून के अनुसार जो भी करना होगा, करेगी। राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के संबंध में शर्मा ने आरोप लगाया कि ‘असम के लोगों के साथ धोखा हुआ है, क्योंकि सूची में कई विसंगतियां हैं और कई संदिग्ध प्रविष्टियां हैं।

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