रायबरेली जिले के ऊंचाहार इलाके में एक दलित व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किये जाने के मामले में पुलिस ने चार और लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने घटना को जातिगत रंग देने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि आरोपियों को पीड़ित की जाति के बारे में जानकारी नहीं थी। बताया कि दो अक्टूबर की देर रात को 40 वर्षीय दलित व्यक्ति हरिओम वाल्मीकि की ग्रामीणों ने कथित तौर पर चोर समझकर पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

चोरी के शक में पीट-पीटकर कर दी हत्या 
यह घटना जमुनापुर गांव में हुई। स्थानीय लोगों ने चोरी के शक में फतेहपुर निवासी हरिओम पर लाठी, डंडों और बेल्ट से हमला किया। यह घटना ऐसे समय में हुई जब गांव में इस तरह की अफवाहें थीं कि एक गिरोह चोरी के इरादे से घरों की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। पुलिस ने कहा, ‘‘हरिओम मानसिक रूप से अस्थिर लग रहा था और अपनी बात नहीं बता पा रहा था। ग्रामीणों ने मान लिया कि वह चोरी करने आया है और उसकी पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। अगली सुबह पुलिस को सूचित किया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उसके शरीर पर कई गंभीर चोटें पाई गई हैं।” 

इन आरोपियों को किया गिरफ्तार 
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस घटना के तुरंत बाद पांच आरोपियों वैभव सिंह, विजय कुमार, सहदेव पासी, विजय मौर्य और सुरेश कुमार मौर्य को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके द्वारा पुलिस को दिए गए बयान और घटना के सीसीटीवी फुटेज तथा ग्रामीणों की निशानदेही पर मंगलवार को चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को पकड़े गए चार लोगों में घटना का तमाशबीन रहा शिव प्रसाद अग्रहरि, मुख्य आरोपी शिवम को शरण देने वाला एक रिश्तेदार और दो अन्य लोग शामिल हैं। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर नौ हो गई है। वीडियो साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने 10 से 15 और संदिग्धों की पहचान की है और जल्द और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। 

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