बरेली जिले में शुक्रवार को जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इसके तहत जिले में मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक पूरी तरह बंद रहेंगी। प्रशासन ने यह कदम सोशल मीडिया पर अफवाह फैलने से रोकने के लिए उठाया है।
भारी पुलिस तैनाती और ड्रोन निगरानी
मिली जानकारी के मुताबिक, जिले को 250 जोन और सेक्टरों में बांट दिया गया है। पुलिस, पीएसी, आरएएफ और प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। सभी मुख्य चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में जवान सतर्कता बनाए हुए हैं। साथ ही, ड्रोन के जरिए ऊपर से भी पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था होने से पहले उसे रोका जा सके।
अन्य जिले भी हाई अलर्ट पर
बरेली के अलावा शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जिलों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। यहां दशहरा त्योहार के चलते सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने सभी संभावित दंगों और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए विशेष कदम उठाए हैं।
धर्मगुरुओं ने की शांति बनाए रखने की अपील
अपर पुलिस महानिदेशक रमेश शर्मा ने बरेली मंडल के कमिश्नर भूपेंद्र यश चौधरी के साथ मिलकर फ्लैग मार्च किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। जिले के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी जुमे की नमाज को शांति से अदा करने और नमाज के बाद जल्द घर लौटने की बात कही है। जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान ने इमामों से खुतबे में सद्भाव और शांति की दुआ करने का आग्रह किया है।
अफवाहों से बचने की दी हिदायत
हाल ही में ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद के बाद बरेली में तनाव की स्थिति बनी थी। उस दौरान 27 सितंबर को भी 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद किया गया था। जिलाधिकारी अवनीश सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान ना दें और प्रशासन के साथ सहयोग करें। उनका मानना है कि ये सुरक्षा उपाय किसी भी उकसावे वाली घटना को रोकने में मददगार साबित होंगे। प्रशासन की यह पूरी तैयारी जुमे की नमाज को शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो सके।
