उत्तर प्रदेश के फरीदाबाद में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े ऑपरेशन में जम्मू-कश्मीर के दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है और 350 किलो विस्फोटक सामग्री जब्त की है। बता दें कि पुलिस ने इस विस्फोटक को अमोनियम नाइट्रेट बताया है, जो किसी बड़े हमला के लिए उपयोग किया जा सकता था। फरीदाबाद पुलिस के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने धौज गांव में एक किराए के मकान में यह सामग्री बरामद की हैं।

मौके पर AK-47 राइफल, पिस्टल, तीन मैगज़ीन, 20 टाइमर, वॉकी-टॉकी सेट और गोलियां भी जब्त की गई हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार डॉक्टरों में से एक, डॉ. अदिल अहमद रदर, पहले सहारनपुर में पकड़ा गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने 27 अक्टूबर को श्रीनगर में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाए थे।

फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रदर के पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को डॉ. मुजममिल शकील का पता चला, जो पुलवामा, जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं और फरीदाबाद के अल-फलाह हॉस्पिटल में कार्यरत थे। शकील ने लगभग तीन महीने पहले धौज में मकान किराए पर लिया था, और उसी से विस्फोटक सामग्री बरामद हुई हैं।

गौरतलब है कि प्रारंभिक रिपोर्ट में मीडिया ने इसे RDX बताया था, लेकिन फरीदाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि बरामद सामग्री अमोनियम नाइट्रेट हैं। इसके अलावा, रदर के सरकारी मेडिकल कॉलेज, अनंतनाग में बने लॉकर की भी जांच की गई थी, जिसमें AK-47 राइफल और गोलियां मिली थीं।

पुलिस अभी यह पता लगाने में लगी है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक राजधानी दिल्ली के पास कैसे पहुंचा और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। इस मामले में आगे की जांच जारी हैं और आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और उन्मूलन गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई हैं।

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