बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों की तैयारियां जोरों पर हैं। वहीं, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने लालू-नीतीश पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल (यूनाइटेड) पर निशाना साधते हुए कहा कि इनके शासन में बिहार मजदूरों का राज्य बन गया है। बिहार में बढ़ती गरीबी, शिक्षा का अभाव और बेरोजगारी को खत्म करने का बस एक ही सहारा है, वो अच्छी शिक्षा है। पिछले कई सालों से लालू-नीतीश के शासन चला आ रहा है और दोनों ने पूरे बिहार को मजदूरों का राज्य बनाकर रख दिया है। यहां तक कि बच्चों की यह हालत हो गई है कि वो अपनी पीठ पर बोरा ढोने को मजबूर हैं। जन सुराज की विचारधारा साफ है कि बिहार के बच्चे अब अच्छी पढ़ाई करेंगे, नौकरी करेंगे और अच्छा जीवन जीएंगे। अब कोई बच्चा अपनी पीठ पर सामान नहीं उठाएगा।

जन सुराज को मिला ‘स्कूल बैग’ का चुनाव चिन्ह

चुनाव आयोग ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जन सुराज को आम चुनाव चिन्ह के रूप में ‘स्कूल बैग’ आवंटित किया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रशांत किशोर ने बताया कि शिक्षा से राज्य में गरीबी, अशिक्षा और बेरोजगारी को खत्म करने की ताकत है और एक तरह से यह कुंजी है।

पीएम मोदी पर साधा निशाना

वहीं, उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के 11 साल से केंद्र में सत्ता में रहने के बावजूद भी बिहार में हर कोई गरीबी, भूख और लाचारी से पीड़ित है। राज्य में बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री लगाई जा रही हैं, लेकिन युवाओं को फिर भी अपना घर छोडकर बाहर का रूख करना पड़ रहा है। राज्य में अभी भी गरीबी है। सरकार ने राज्य में 20 साल और केंद्र में 11 साल सत्ता में रहने के बाद कोई सुधार नहीं हुआ है।

सरकार पर लगाए आरोप

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार का हर एक दावा हेरफेर पर आधारित हैं। अगर किसी भी क्षेत्र में शौचालय बनाने या फिर शिक्षा को लेकर सुधार की बात करें तो ऐसा अब तक कुछ नहीं हुआ है। वर्तमान 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के पास 131 सीटें हैं, जिसमें बीजेपी (80), जेडी(यू) (45), हम (एस) (4), और 2 निर्दलीयों का समर्थन है। विपक्षी भारत ब्लॉक के पास 111 सीटें हैं, जिसमें आरजेडी (77), कांग्रेस (19), सीपीआई (एमएल) (11), सीपीआई (एम) (2) और सीपीआई (2) शामिल हैं। जन सुराज पार्टी आने वाले बिहार विधानसभा चुनावों में भाग लेने के लिए पूरी तरह से तैयार है, जो इस साल के आखिर में होने की उम्मीद है। बता दें, चुनाव इस साल के अक्टूबर या नवंबर में होने की उम्मीद जताई है। हालांकि, अभी तक चुनाव आयोग ने ऑफिशियल तौर पर कोई डेट का ऐलान नहीं किया है।

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