प्रयागराज जिले के गंगानगर जोन के फाफामऊ थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां आरोप है कि एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर आईवीएफ सेंटर ले जाया गया और फर्जी दस्तावेजों के सहारे उससे अवैध रूप से ओवा (अंडाणु) निकाले गए। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर चार महिलाओं और एक पुरुष समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है।

मां की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत के अनुसार, पीड़िता की मां अनीता गौतम ने फाफामऊ थाने में तहरीर दी थी। इसमें करेली की रहने वाली पलक हेला और उसकी मां रिंकी हेला पर नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर आईवीएफ प्रक्रिया के लिए ले जाने का आरोप लगाया गया। शिकायत के आधार पर 6 फरवरी को एफआईआर दर्ज की गई।

जांच में क्या सामने आया
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता पहले पलक हेला के साथ शादी-विवाह के कार्यक्रमों में काम करती थी। कथित तौर पर उसे पैसों का लालच देकर आईवीएफ डोनर बनने के लिए तैयार किया गया। उसे सीमा भारतीया नाम की महिला के पास ले जाया गया। सीमा के बेटे हिमांशु पर फर्जी आधार कार्ड बनवाने का आरोप है, जिसमें नाबालिग को बालिग और विवाहित दिखाया गया। इसके बाद उसे आईवीएफ सेंटर से जुड़ी एजेंट कल्पना भारतीया के पास ले जाया गया। कथित तौर पर फर्जी कागजात के आधार पर 20 जनवरी 2026 को ओवा एक्सट्रैक्शन कराया गया।

पीड़िता का बयान और पारिवारिक पहलू
पुलिस के अनुसार, पीड़िता को पहले वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था, जहां चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने उसका बयान दर्ज हुआ। बयान में उसने आईवीएफ सेंटर जाने की बात स्वीकार की। जांच में यह भी सामने आया कि बाद में घर के माहौल को लेकर भी वह परेशान थी।

कौन-कौन हिरासत में
पुलिस ने अब तक जिन लोगों को हिरासत में लिया है पलक हेला, रिंकी हेला, सीमा भारतीया, हिमांशु भारतीया, कल्पना भारतीया। इन सभी पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और नाबालिग को बालिग दिखाकर अवैध चिकित्सा प्रक्रिया कराने का आरोप है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश जारी है। साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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