प्रयागराज जिले के करछना इलाके में रविवार को हुए बवाल के बाद पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। हिंसा फैलाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने अब तक 51 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही 8 नाबालिगों को बाल संरक्षण कानून के तहत हिरासत में लिया गया है।

क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत तब हुई जब भीम आर्मी के संस्थापक और सांसद चंद्रशेखर आजाद करछना के इसौटा गांव और कौशांबी जिले में एक पीड़ित के घर जाना चाहते थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें एयरपोर्ट से सीधे सर्किट हाउस ले जाकर रोक दिया। उन्हें घंटों वहीं बैठाए रखा गया। इस बात से नाराज होकर आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने करछना में जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।

हिंसा में क्या हुआ?
प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। सड़कों पर अराजकता और बवाल मचाया गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 41 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया। बाद में 10 और को पकड़ा गया। इसके अलावा: 54 नामजद और 550 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने 40 मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं जो उपद्रव के दौरान इस्तेमाल की जा रही थीं।

पुलिस का सख्त रुख
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो लोग कानून को हाथ में ले रहे थे, वही अब थानों में जाकर माफी मांग रहे हैं। लेकिन पुलिस ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

इलाके में अब शांति, लेकिन सतर्कता जारी
फिलहाल करछना और आसपास के इलाकों में शांति बनी हुई है, लेकिन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से चेतावनी दी गई है कि कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights