बिहार पुलिस को चंदन मिश्रा हत्याकांड में एक बडी सफलता मिली है। पटना के एक अस्पताल में पैरोल पर बाहर आए चंदन मिश्रा की हत्या के मुख्य आरोपी तौसीफ उर्फ बादशाह को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया है। बिहार पुलिस ने कोलकाता पुलिस और कोलकाता STF के साथ एक संयुक्त अभियान चलाकर यह गिरफ्तारी की। तौसीफ के साथ निशु खान और दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है।

इस सप्ताह की शुरुआत में हुई इस सनसनीखेज हत्या के बाद तौसीफ का नाम मुख्य संदिग्ध के रूप में सामने आया था। सूत्रों के अनुसार, घटना को अंजाम देने के बाद तौसीफ कथित तौर पर पश्चिम बंगाल भाग गया था और कोलकाता के आनंदपुर इलाके में छिपा हुआ था, जहां से कोलकाता स्पेशल टास्क फोर्स ने उसे धर दबोचा। यह भी बताया जा रहा है कि उसके लकवाग्रस्त भाई के पैर में भी गोली लगी थी।

तौसीफ को कोलकाता की एक अदालत में पेश किया जाएगा और कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाया जाएगा। इस बीच, तीन और संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।

एक अधिकारी ने बताया, ‘प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि हत्या की पूरी साजिश गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में से एक निशु खान के घर पर रची गई थी। इस जघन्य अपराध को मुख्य रूप से तौसीफ ने अंजाम दिया। अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ जारी है ताकि इस मामले की सभी कडियां जोडी जा सकें।’

सीसीटीवी फुटेज और सूत्रों के अनुसार, हमले से कुछ मिनट पहले एक निगरानी वीडियो में तौसीफ कथित तौर पर सुबह 7:13 बजे अस्पताल के बाहर आता हुआ दिखा। उसके साथ एक हेलमेट पहने व्यक्ति भी था जिसके पास एक बैग था। इसके तुरंत बाद, चार अन्य लोग, सभी टोपी पहने हुए, उसके साथ आ जाते हैं, और तौसीफ द्वारा उन्हें अस्पताल के अंदर ले जाने से पहले वे कुछ देर तक एक-दूसरे से लिपटे रहते हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘इस ऑपरेशन में कम से कम छह लोगों के सीधे तौर पर शामिल होने का संदेह है। तौसीफ समेत उनमें से पांच, जिनके पास हथियार थे, सुबह लगभग 7:20 बजे अस्पताल में घुसे और चंदन को गोली मारकर हत्या कर दी।’

प्रारंभिक जांच से यह भी पता चला है कि हमले की साजिश पूर्व मित्र से दुश्मन बने शेरू सिंह ने रची थी। एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘चंदन और शेरू कभी दोस्त थे, लेकिन भागलपुर जेल में रहते हुए दोनों के बीच पुरानी दुश्मनी पैदा हो गई।’

जहां मिश्रा कथित तौर पर बक्सर से अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था, वहीं शेरू ने अपना काम आरा तक ही सीमित रखा। सूत्रों के अनुसार, दोनों कथित तौर पर 2011 में हुई आठ हत्याओं से जुडे हैं – जिसमें व्यवसायी राजेंद्र केशरी की बहुचर्चित हत्या भी शामिल है। हालांकि इस मामले में चंदन को शुरू में मृत्युदंड दिया गया था, लेकिन पटना उच्च न्यायालय ने फरवरी 2020 में इसे आजीवन कारावास में बदल दिया था।

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