आज देशभर में हर्षोल्लास के साथ आजादी का 78वां वर्षगांठ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12वीं बार लाल किले पर झंडा फहराया, जो 2014 से हर स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते आ रहे हैं।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनकी अगवानी की। ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और सुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. मेरी कामना है कि यह सुअवसर सभी देशवासियों के जीवन में नया जोश और नई स्फूर्ति लेकर आए, जिससे विकसित भारत के निर्माण को नई गति मिले. जय हिंद!”
प्रधानमंत्री लालकिले की प्राचीर से देशवासियों को सम्बोधित कर रहे है। उन्होंने अपने भाषण में इसी साल के अप्रैल में हुए पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि भारत हर आतंक का मुकाबला करने के लिए पूरी तैयार है, प्रतिबद्ध है। भारतीय सेना ने हमेशा की तरह इस बार भी आतंक को मुहतोड़ जवाब दिया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत में बनी पहली सेमीकंडक्टर चिप इस साल के अंत तक बाजार में आ जाएगी।
मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि छह सेमीकंडक्टर इकाइयां पहले ही स्थापित हो चुकी हैं और चार नई इकाइयों को हरी झंडी मिल गई है। उन्होंने कहा, ”इस साल के अंत तक भारत में बनी, भारत के लोगों द्वारा बनी चिप बाजार में आ जाएगी।”
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी पहल कर रहा है।
उन्होंने कहा, ”10 नए परमाणु रिएक्टरों पर तेजी से काम चल रहा है और 2047 तक हमने अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को दस गुना बढ़ाने का संकल्प लिया है… हम परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सुधार ला रहे हैं।”
मोदी ने कहा, ”हम अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कई देशों पर बहुत अधिक निर्भर हैं, चाहे वह पेट्रोल हो, डीजल हो या गैस… हमें इनके आयात पर अरबों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इस संबंध में देश को आत्मनिर्भर बनाना बहुत जरूरी है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा क्षमता 30 गुना बढ़ गई है।
उन्होंने कहा, ”हम नए बांध बना रहे हैं ताकि जलविद्युत का विस्तार किया जा सके और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सके।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत हाइड्रोजन मिशन में भी हजारों करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है।
