पूर्व राजनयिक सुरेश के गोयल ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर के पाकिस्तानी स्पीकर से हाथ मिलाने की पाकिस्तानी खबरें हास्यास्पद हैं। गोयल ने कहा कि जब भी पाकिस्तानी मंत्री किसी भारतीय नेता को देखते हैं, तो वे बदलाव की उम्मीद में उछल पड़ते हैं। एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में जब उनसे ढाका में जयशंकर और पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक के बीच हुई बातचीत के बारे में पूछा गया, तो गोयल ने कहा, मुझे तो बस इस पर हंसी आती है।

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तानी मंत्री भारतीय नेताओं का लगभग पीछा करते हैं, और जब भी वे किसी भारतीय नेता को देखते हैं, तो तुरंत ऐसे कूद पड़ते हैं जैसे इससे वाकई कुछ बदल जाएगा। इसलिए मुझे लगता है कि यह कुछ इसी तरह की बात रही होगी, इससे ज्यादा कुछ नहीं।

सुरेश के गोयल ने गुरुवार कहा कि मुझे नहीं लगता कि मौजूदा हालात में, जब पाकिस्तान की ओर से हमारे क्षेत्र में आतंकवादी हमले हो रहे हैं, पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं और बता रहे हैं कि वे वास्तव में आतंकवादी अड्डे विकसित कर रहे हैं, भारतीय जीत का मजाक उड़ा रहे हैं और हर बात को झूठा साबित कर रहे हैं, तो ऐसा होगा यह एक हास्यास्पद बात है।

पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व की हताशा एक बार फिर सामने आई जब पाकिस्तान ने ढाका में जयशंकर और सादिक के बीच औपचारिक हाथ मिलाने की घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश की। यह मुलाकात बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार के दौरान हुई, जिसमें सादिक और जयशंकर शामिल हुए थे।

पाकिस्तान में डॉन की एक रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय सभा सचिवालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पाकिस्तान ने दावा किया है कि यह हाथ मिलाना तब हुआ जब जयशंकर कार्यक्रम के दौरान सादिक के पास गए थे। बीते साल मई में हुए सैन्य संघर्ष के बाद भारत-पाकिस्तान के दो बड़े नेता पहली बार इस तरह से मिले थे। इस मुलाकात पर सादिक ने सार्वजनिक रूप से शेखी बघारी है और दावा किया कि जयशंकर खुद चलकर उनकी ओर आए थे।

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