पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों के बीच वहां रोजी-रोटी कमाने गए भारतीयों की सुरक्षा पर संकट खड़ा हो गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुलासा किया है कि राज्य के कम से कम 370 लोग खाड़ी देशों के संघर्ष क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी केंद्र सरकार को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाते हुए जल्द से जल्द ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’ शुरू करने की मांग की है।
अधिकारियों के अनुसार, पंजाब सरकार ने पश्चिम एशिया में फंसे पंजाबियों की सुरक्षित और सुगम वापसी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में समन्वय और निगरानी के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया है। चौबीसों घंटे चलने वाली हेल्पलाइन भी स्थापित की गई है।
मान ने कहा, ‘‘पंजाब सरकार ने खाड़ी देशों में जारी संघर्ष के बीच फंसे 370 पंजाबियों की पहचान की है। हमने इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है और उन्हें वापस लाने के प्रयास जारी हैं।’’ इस बीच, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि खाड़ी देशों में फंसे झारखंड और अन्य राज्यों के लोगों को वापस लाना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। इससे कुछ दिन पहले सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया था।
सोरेन ने खाड़ी देशों में तेजी से बदलती स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताया था। राज्य के रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित अपने पैतृक गांव नेमरा में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘खाड़ी देशों में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। मैं पहले ही केंद्र सरकार से फंसे हुए लोगों को वापस लाने के लिए त्वरित कदम उठाने का आग्रह कर चुका हूं।
