दिल्ली की एक अदालत ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी – ED) द्वारा दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लेने को लेकर अपने फैसले को स्थगित कर दिया।

अदालत के सूत्रों ने बताया कि मामले की सुनवाई को कुछ स्पष्टीकरण के लिए अब सात और आठ अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

इससे पहले, विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल आरोप-पत्र पर संज्ञान लेने को लेकर अपना आदेश 15 जुलाई को सुरक्षित रख लिया था।

अदालत दो जुलाई से संज्ञान के बिंदु पर प्रवर्तन निदेशालय और आरोपियों की दलीलें दैनिक आधार पर सुन रही थी।

ईडी ने सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी, दिवंगत कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा एवं ऑस्कर फर्नांडीस के साथ-साथ सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और एक निजी कंपनी ‘यंग इंडियन’ पर आरोप लगाया है कि इन्होंने ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार प्रकाशित करने वाली कंपनी ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ (एजेएल) से संबंधित 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति के धोखे से अधिग्रहण के लिए साजिश की और धनशोधन किया है।

निदेशालय का आरोप है कि गांधी परिवार के पास ‘यंग इंडियन’ के 76 प्रतिशत शेयर थे और इस कंपनी ने 90 करोड़ रुपये के ऋण के बदले एजेएल की संपत्ति को धोखे से हड़प लिया।

आरोप पत्र में सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड के नाम हैं।

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