मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल में इस बार भाई दूज का पर्व कुछ अलग ही रंग में नजर आया. जेल की दीवारों के भीतर भी इस रिश्ते का स्नेह और भावनाएं झलक उठीं. लेकिन इस त्यौहार के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में रही मुस्कान. यह वही है जिसे सभी ‘नीले ड्रम वाली मुस्कान’ के नाम से पहचानते हैं. 

त्योहार का सन्नाटा और मुस्कान की खामोशी

भाई दूज के दिन सुबह से ही जेल के बाहर लंबी कतारें लग गईं. बहनें अपने भाइयों के लिए मिठाई और आरती की थाली लेकर पहुंचीं. सुरक्षा जांच के बाद उन्हें भीतर जाने की अनुमति मिली. अंदर, पुरुष कैदियों के चेहरे पर भी एक अलग चमक थी क्योंकि साल में एक बार ही उन्हें यह अपनापन नसीब होता है. लेकिन इसी बीच महिला बैरक में माहौल कुछ अलग था. करीब 70 महिला बंदियों में से कई को तो अपने भाइयों से मिलने का मौका मिला, लेकिन कुछ के पास कोई नहीं आया. उन्हीं में एक नाम था मुस्कान. वही मुस्कान, जिसने कुछ महीने पहले अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर लाश को नीले ड्रम में बंद कर ठिकाने लगा दिया था. और फिर प्रेमी के साथ जश्न मनाने पहाड़ों पर चली गई. भाई दूज के दिन जब हर किसी के पास कोई अपना था, तब मुस्कान जेल के एक कोने में चुपचाप बैठी रही. किसी ने उसे देखने नहीं आया, न कोई मिठाई, न कोई टीका.

जेल अधीक्षक बने ‘भाई’

इसी दौरान मेरठ जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने यह सन्नाटा तोड़ने का फैसला लिया. उन्होंने बताया जेल में करीब 2200 कैदी बंद हैं. सुबह से ही बहनों की मुलाकात चल रही थी. लेकिन महिला बैरक की 27 बंदियों से कोई मिलने नहीं आया था. डॉ. शर्मा ने कहा कि जेल प्रशासन के लिए सभी कैदी बराबर हैं, चाहे उनका जुर्म कितना भी बड़ा क्यों न हो. त्योहार का मकसद भावनाओं को जोड़ना है. उन्होंने बताया कि भाई दूज पर सभी महिला कैदियों को यह अवसर दिया जाता है कि वे अपने भाइयों को टीका कर सकें. अगर किसी बंदी महिला का भाई नहीं पहुंचता तो जेल प्रशासन स्वयं उनका यह त्यौहार पूरा कराता है. भाई दूज के इस भावनात्मक अवसर पर मुस्कान जैसी चर्चित बंदी को लेकर भी लोगों में जिज्ञासा बनी हुई थी. फिलहाल जेल प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के बीच त्योहार को शांतिपूर्वक मनाया गया. 

नीले ड्रम कांड की चर्चित बंदी

मुस्कान वही युवती है जो मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में मुख्य आरोपी है. आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पहले पति की हत्या की. फिर शव को नीले ड्रम में बंद रखकर उसपर सीमेंट का घोल डाल दिया और कमरे में रख छोड़ दिया. जब पड़ोसियों को बदबू आई तो मामला खुला. बाद में पुलिस ने मुस्कान और उसके साथी को गिरफ्तार किया था. इस हत्याकांड की चर्चा नीले ड्रम के रूप में देशभर में हुई.

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