मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में प्रत्येक बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने को लेकर प्रतिबद्ध है और निजी स्कूलों में फीस को विनियमित करने के लिए हाल में पारित विधेयक से संस्थान अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेंगे।

गुप्ता ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में पारित किए गए दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 का उद्देश्य मनमानी फीस वृद्धि को रोकना और निजी स्कूलों को वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों समेत समाज के सभी वर्गों के बच्चों के लिए सुलभ बनाना है।

गुप्ता ने कहा, दिल्ली में 1,733 निजी स्कूल हैं, जिनमें से लगभग 300 को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने रियायती दरों पर जमीन दी है। उन्होंने कहा, नए कानून के तहत, शिक्षा निदेशक के पास उप-मंडल मजिस्ट्रेट के बराबर अधिकार होंगे, जो नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई कर सकेंगे।

इन कार्रवाइयों में बैंक खातों से लेनदेन पर रोक लगाना और संपत्ति कुर्क करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में प्रत्येक बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने को लेकर प्रतिबद्ध है और निजी स्कूलों में फीस को विनियमित करने के लिए हाल में पारित विधेयक से संस्थान अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेंगे।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights