केरल ले जाकर फूलपुर की नाबालिग लड़की को जबरन धर्मांतरण और जिहादी प्रशिक्षण देने की कोशिश का खुलासा हुआ है। पुलिस को इस मामले में अहम जानकारी मिली है, जिसमें पीड़िता ने अपने बयान में पूरी घटना बताई है।

केरल में ले जाकर दी गई दीनी तालीम, जबरन धर्मांतरण और जिहादी प्रशिक्षण की कोशिश
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़िता ने बताया कि वह ट्रेन से केरल पहुंची थी। रेलवे स्टेशन पर दरकशा नामक महिला ने किसी को फोन किया और थोड़ी देर बाद एक कार आई, जिसमें उसे त्रिशूर के एक हॉस्टल ले जाया गया। वहां खाना खिलाया गया और आराम करने को कहा गया। अगले दिन से उसे धार्मिक शिक्षा (दीनी तालीम) दी जाने लगी, जिसमें हिजाब पहनना सिखाया गया। कुछ ही दिनों बाद उसे जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश हुई और जिहादी प्रशिक्षण के लिए दबाव बनाया जाने लगा। यह सब देख लड़की घबरा गई और मौका पाकर वहां से भाग निकली। लड़की रेलवे स्टेशन पहुंची थी, लेकिन दरकशा भी उसके पीछे पहुंच गई और उससे विवाद करने लगी। इस दौरान ट्रेन टिकट निरीक्षक (टीटीई) ने दोनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

दरकशा और ताज के बीच लगातार फोन संपर्क, नौकरी के बहाने लड़की को लुभाने का खुलासा
पुलिस पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि प्रयागराज से दिल्ली तक दरकशा बार-बार ताज नाम के एक व्यक्ति से फोन पर बात करती रही और उसे उसकी स्थिति की जानकारी देती रही। जांच में पता चला कि 8 से 9 मई के बीच दोनों के बीच करीब 13 बार फोन कॉल हुई। पूछताछ के दौरान दरकशा ने बताया कि ताज फूलपुर के जोगिया शेखपुर का रहने वाला है और वह उसकी बहन का देवर है। ताज कई साल से केरल में नौकरी करता है। उसने दरकशा से कहा था कि वहां नौकरी के लिए लड़कियों की जरूरत है और इस काम में अच्छा कमीशन मिलेगा।

पीड़िता के परिवार ने लगाया गंभीर आरोप, लड़की के साथ छेड़खानी और जबरन धर्म परिवर्तन
पीड़िता की मां ने पुलिस को तहरीर दी है जिसमें कहा गया है कि 8 मई को दरकशा ने बेटी को पैसों का लालच देकर अपने साथ ले गई। दरकशा और मोहम्मद कैफ नामक युवक ने पहले लड़की को प्रयागराज जंक्शन पहुंचाया, जहां रास्ते में लड़की के साथ छेड़खानी भी हुई। इसके बाद दरकशा लड़की को दिल्ली और फिर केरल के त्रिशूर ले गई। केरल पहुंचने पर लड़की की मुलाकात कुछ अज्ञात और संदिग्ध लोगों से कराई गई। इन लोगों ने पहले लड़की को पैसे का लालच दिया और फिर जबरन उसका धर्म परिवर्तन कराया। अंत में उसे जिहादी ट्रेनिंग के लिए दबाव भी बनाया गया। डरी-सहमी लड़की किसी तरह वहां से भाग निकली और त्रिशूर रेलवे स्टेशन पहुंचकर अपनी मां को फोन पर पूरी आपबीती बताई। इस पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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