सहारनपुर जिले के देवबंद से एक बार फिर इस्लामी शरिया को लेकर सख्त बयान सामने आया है। जहां के प्रसिद्ध देवबंदी उलेमा और जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक गोरा ने महिलाओं और पुरुषों के एक साथ जिम में व्यायाम करने को इस्लाम के नियमों के खिलाफ बताया है।

क्या कहा मौलाना इसहाक गोरा ने?
मौलाना इसहाक गोरा ने रविवार को कहा कि जिम में पुरुष और महिलाएं बिना परदे के एक साथ व्यायाम करना शरिया की इज्जत और पवित्रता की हिफाजत के नियमों का उल्लंघन है। उनका कहना था कि ऐसा करना गैर-महरम (जो रिश्तेदार नहीं होते) पुरुष और महिलाओं के बीच अनावश्यक मेलजोल बढ़ाता है, जो इस्लाम में मना है। उन्होंने साफ कहा कि इस्लाम ने महिलाओं की इज्जत और हिफाजत के लिए साफ निर्देश दिए हैं। जिम जैसे सार्वजनिक जगहों पर गैर-महरम पुरुष और महिलाएं बिना पर्दे के साथ रहना हराम है। यह शरीयत की सीमा तोड़ने जैसा है और हमारे समाज को पश्चिमी संस्कृति की ओर ले जाता है।

महिलाओं के लिए खास सलाह
मौलाना इसहाक गोरा ने मुस्लिम महिलाओं से अपील की कि वे ऐसे स्थानों से बचें और व्यायाम घर पर करें या फिर केवल महिलाओं के लिए बने जिमों में जाएं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य और फिटनेस जरूरी है, लेकिन शरीयत के नियमों का पालन करते हुए किया जाना चाहिए।

शरिया के खिलाफ अन्य फतवे
यह बयान मौलाना इसहाक गोरा के हाल के फतवों की एक कड़ी है। अप्रैल 2025 में उन्होंने शादी समारोहों में गैर-महरम पुरुषों से मेहंदी लगवाने को भी शरीयत के खिलाफ घोषित किया था। साथ ही, चूड़ियां पहनने और वैलेंटाइन डे जैसे गैर-इस्लामी रिवाजों पर भी उन्होंने रोक लगाने की बात कही थी।

मौलाना इसहाक गोरा कौन हैं?
मौलाना इसहाक गोरा दारुल उलूम देवबंद से जुड़े एक बड़े धर्मगुरु हैं। वे सोशल मीडिया और मस्जिदों के माध्यम से मुस्लिमों को इस्लामी मूल्यों पर लौटने की सलाह देते रहते हैं।

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