प्यू रिसर्च सेंटर की ताज़ा रिपोर्ट ने दुनिया के धार्मिक परिदृश्य को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार आने वाले 35 वर्षों में इस्लाम धर्म दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला धर्म बन जाएगा। यह अनुमान कई महत्वपूर्ण कारकों पर आधारित है जो इस्लाम की जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा दे रहे हैं।

2060 तक 3 अरब से अधिक होगी मुस्लिम आबादी

प्यू रिपोर्ट के मुताबिक 2060 तक मुस्लिम जनसंख्या का अनुमानित आँकड़ा 3 अरब से अधिक होगा। फिलहाल मौजूदा समय में दुनिया में कुल मुस्लिम आबादी लगभग 2 अरब है। आने वाले समय में मुसलमानों की संख्या में होने वाले इस भारी इज़ाफे को लेकर उच्च जनसंख्या दर, धर्मांतरण दर और युवा मुस्लिम आबादी को मुख्य रूप से ज़िम्मेदार माना जा रहा है।

रिपोर्ट बताती है कि इस्लाम न केवल जन्म दर के आधार पर बढ़ रहा है बल्कि इसकी पहचान बनाए रखने की दर भी बहुत अधिक है। प्यू सर्वेक्षण (13 देशों में) से सामने आया है कि मुस्लिम परिवारों में पले-बढ़े 90% से अधिक लोग आज भी खुद को मुसलमान मानते हैं। केवल अमेरिका में यह संख्या घटकर लगभग 74% हो जाती है जो बाकी देशों की तुलना में कम है।

धर्मांतरण की हकीकत: आंकड़े क्या कहते हैं?

धार्मिक ध्रुवीकरण के मौजूदा दौर में धर्मांतरण एक विवादास्पद मुद्दा है लेकिन प्यू रिपोर्ट इस पर स्पष्टता लाती है। यह बताती है कि दुनिया के 13 देशों में धर्मांतरण से इस्लाम में वृद्धि 3% से भी कम है। इंडोनेशिया जैसे मुस्लिम बहुल देशों में इस्लाम में धर्म परिवर्तन या छोड़ने की दर 1% से भी कम है। हालाँकि इस्लाम छोड़ने वालों की संख्या अन्य प्रमुख धर्मों जैसे ईसाई धर्म, यहूदी धर्म और हिंदू धर्म की तुलना में सबसे कम है। इस्लाम छोड़ने वाले अधिकांश लोग अब कोई धर्म नहीं मानते या खुद को ईसाई के रूप में पहचानते हैं। अमेरिका, केन्या, घाना जैसे देशों में ईसाई से इस्लाम में धर्मांतरण सबसे अधिक देखा गया है।

यह तथ्य कि इस्लाम की जनसंख्या वृद्धि में धर्मांतरण का योगदान अपेक्षाकृत कम है फिर भी इसकी जनसंख्या में कमी देखने को नहीं मिल रही है और यह लगातार बढ़ते ही जा रहा है इसकी उच्च जन्म दर और पहचान बनाए रखने की मजबूत प्रवृत्ति को दर्शाता है।

हिंदू धर्म की स्थिति: भारत और बांग्लादेश में धार्मिक स्थिरता

प्यू रिपोर्ट में हिंदू धर्म को लेकर जानकारी केवल चार देशों – भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और अमेरिका – से मिली है।

  • भारत और बांग्लादेश में हिंदू के रूप में पले-बढ़े लगभग सभी लोग आज भी हिंदू हैं।
  • श्रीलंका में 10 में से 9 हिंदू अपनी पहचान बनाए रखे हैं।
  • अमेरिका में केवल 82% हिंदू धर्म में पले-बढ़े लोग वयस्क होने पर खुद को हिंदू मानते हैं। अमेरिका में 11% हिंदू अब नास्तिक, अज्ञेयवादी या धर्म से असंबद्ध हैं।
  • श्रीलंका में कई पूर्व हिंदू अब ईसाई धर्म में परिवर्तित हुए हैं।

भारत और बांग्लादेश में हुए सर्वे के अनुसार यहाँ धार्मिक स्थिरता सबसे अधिक है। यहाँ 99% हिंदू और मुसलमान अपने जन्मजात धर्म पर बने हुए हैं। यह धार्मिक संस्कृति की मजबूती, पारिवारिक मूल्यों और धार्मिक सामाजिक ढाँचे का प्रतीक है।

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