दिवाली की रौनक के बीच दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही हल्की धुंध और भारी धुएं का मिश्रण महसूस किया जा रहा है, जिससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो रही हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार रविवार देर शाम से राजधानी की वायु गुणवत्ता अचानक बिगड़नी शुरू हुई और रात होते-होते कई इलाकों में AQI ‘बहुत खराब’ से सीधे ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया है।

बताया जा रहा है कि आनंद विहार और वज़ीरपुर जैसे इलाकों में सोमवार सुबह AQI 400 के पार रिकॉर्ड किया गया, जबकि कुल 38 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 27 ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज हुए हैं। वहीं श्री अरविंदो मार्ग ऐसा इलाका रहा जहां हवा अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में रही, जहां AQI करीब 168 तक सीमित था। गौरतलब है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) 401 से ऊपर के AQI को ‘गंभीर’ और 301–400 के बीच वाले स्तर को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखता है।

उधर, शहर में हालत बिगड़ने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने रविवार रात से ही ग्रैप (GRAP) स्टेज-2 लागू कर दिया था। बता दें कि यह वही चरण है जिसमें डीज़ल जेनरेटर के इस्तेमाल पर सख्त रोक, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और बाहरी राज्यों से आने वाली केवल CNG या इलेक्ट्रिक बसों को ही एंट्री जैसी सख्तियां लागू होती हैं। GRAP का पहला चरण 14 अक्टूबर को ही प्रभाव में आ चुका था।

इसी बीच सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में जारी आदेश के बाद दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की सीमित समय में इजाजत दी गई है। मौजूद नियमों के तहत दिवाली से एक दिन पहले और मुख्य त्योहार वाले दिन सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़े जा सकते हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही ग्रीन क्रैकर्स को अनुमति मिली हो, लेकिन हालात पहले से ही बेहद प्रदूषित होने के कारण एहतियात बरतना जरूरी है।

मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से करीब एक डिग्री अधिक था, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी औसत से ऊपर दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिकों ने सोमवार सुबह हल्की धुंध की संभावना जताई है और अनुमान लगाया है कि दिन का तापमान 33 डिग्री तथा रात का तापमान 21 डिग्री के आसपास रह सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर दिवाली धुएं और सख्त पाबंदियों के साये में मनाई जा रही है और लोगों की चिंता बढ़ी हुई है क्योंकि इस बार प्रदूषण का स्तर त्योहार की शुरुआत से पहले ही खतरनाक स्तर को छू चुका है। सभी की निगाहें अब इस बात पर हैं कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकारी कदम कितनी जल्दी असर दिखाते हैं।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights