गाजियाबाद के नेशनल हाईवे-9 के आसपास बनी ऊंची-ऊंची इमारतें आज प्रदूषण की मोटी चादर में ढकी नजर आ रही हैं। पूरे गाजियाबाद में हालात ऐसे ही बने हुए हैं। दमघोंटू हवा ने लोगों को न सिर्फ परेशान किया है बल्कि बीमार भी करना शुरू कर दिया है। ज़रूरत है कि इस ओर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि इस जहरीली हवा से लोगों को राहत मिल सके। वहीं अगर गाजियाबाद के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की बात करें तो यह 350 के करीब दर्ज किया जा रहा है, जो “बेहद खराब” श्रेणी में आता है। 



बता करें दिल्ली की तो दिवाली पर उच्चतम न्यायालय की ओर से निर्धारित समयसीमा से ज्यादा समय तक पटाखे चलाए जिसकी वजह से मंगलवार सुबह आसमान में धुंध छाई रही, दृश्यता कम हो गई और वायु गुणवत्ता ‘रेड जोन’ में रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण ब्यूरो (सीपीसीबी) के एक बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुबह आठ बजे 352 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है।



सुबह पांच बजे यह 346, सुबह छह बजे 347 और सुबह सात बजे 351 दर्ज किया गया। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है। निगरानी केंद्रों का एक्यूआई डेटा प्रदान करने वाला सीपीसीबी का ‘समीर’ ऐप मंगलवार सुबह अद्यतन नहीं किया गया।



उच्चतम न्यायालय ने दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर में रात आठ बजे से 10 बजे के बीच हरित पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। हालांकि, कई लोगों ने अदालत के निर्देशों का उल्लंघन किया और देर रात तक जश्न जारी रहा। सीपीसीबी के प्रति घंटे के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई रात 12 बजे 349 और एक बजे 348 था। सोमवार को, राजधानी के 38 निगरानी केंद्रों में से 36 ने प्रदूषण का स्तर ‘रेड जोन’ में दर्ज किया, भारी प्रदूषण के कारण दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गई। दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई सोमवार को 345 (बेहद खराब श्रेणी) था। मंगलवार और बुधवार को वायु गुणवत्ता के और भी व्यापक रूप से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। 

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