अक्सर विरोधाभासी बयान देने के लिए पहचाने जाने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब दावा किया है कि मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध के दौरान आठ विमान मार गिराए गए थे। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ये विमान किस देश के थे। ट्रंप ने बुधवार को फ्लोरिडा के मियामी में ‘अमेरिका बिजनेस फोरम’ को संबोधित करते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के दौरान मार गिराए गए विमानों की संख्या सात के बजाय आठ बतायी। अब तक वह यही कहते रहे हैं कि संघर्ष के दौरान सात विमान मार गिराए गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान और भारत…मैं उन दोनों के साथ एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा था और तभी…मैंने सुना कि वे युद्ध करने जा रहे हैं। सात विमान मार गिराए गए और आठवां विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया… कुल मिलाकर आठ विमान मार गिराए गए।’’

कांग्रेस ने ‘‘भारत एवं पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता’’ और ‘‘भारत द्वारा रूस से तेल खरीदना काफी हद तक बंद किए जाने’’ संबंधी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र पर शुक्रवार को कटाक्ष किया और कहा कि अब ‘हाउडी मोदी’ को इस बारे में क्या कहना है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का दावा ट्रंप ने 59 बार किया है। ‘हाउडी मोदी’ 22 सितंबर 2019 को अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित एक कार्यक्रम था जिसे प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने संबोधित किया था।

रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आज सुबह ‘ट्रंपट्रैकर’ ने 59 का आंकड़ा छू लिया है। ट्रंप ने दोहराया कि उन्होंने व्यापार और शुल्क (टैरिफ) का उपयोग करके ऑपरेशन सिंदूर को 24 घंटे के भीतर रुकवा दिया, भारत ने रूस से तेल खरीदना काफी हद तक बंद कर दिया है और वह प्रधानमंत्री मोदी से बात करते हैं तथा मोदी यह चाहते हैं कि वह (ट्रंप) भारत का दौरा करें, जो अगले साल हो सकता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘इस सबके बारे में ‘हाउडी मोदी’ का क्या कहना है?’’ भारत ने सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था।

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया था। अमेरिका के राष्ट्रपति अक्सर यह दावा करते हैं कि उन्होंने इस साल मई में शुल्क लगाने और व्यापार नहीं करने की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रुकवाया था। भारत हालांकि बार-बार यह स्पष्ट करता रहा है कि इस साल मई में पाकिस्तान के सैन्य परिचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) द्वारा संपर्क किए जाने के बाद सैन्य कार्रवाई रोके जाने पर सहमति बनी थी।

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