झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में हाथी बस्तियों में घुसकर लोगों पर हमला कर रहे हैं, जिससे आम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। ताजा मामला बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड का है, जहां दो अलग-अलग गांवों में हाथियों के हमले में बीते दो दिनों में पांच लोगों की मौत हो चुकी है।

हाथियों ने घरों के दरवाजे और दीवारें तोड़ दीं
घटना महुआटांड़ पंचायत के गांगपुर गांव की है, जहां हाथियों के हमले से दादा-पोते की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गांगपुर गांव में गुरुवार रात करीब 8:30 बजे तीन हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। हाथियों ने घरों में तोड़फोड़ की और जमकर उत्पात मचाया। इसी दौरान हाथियों ने घर में मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले में 60 वर्षीय सोमर साव और उनके 8 वर्षीय पोते अमन कुमार (आयुष) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, 10 वर्षीय राहुल कुमार, शांति देवी और 10 वर्षीय राशि कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में उस समय बिजली नहीं थी। अंधेरे का फायदा उठाकर हाथियों ने घरों के दरवाजे और दीवारें तोड़ दीं और अंदर घुसकर हमला कर दिया। सभी लोग घर के अंदर ही मौजूद थे, जिससे जान बचाने का मौका तक नहीं मिल पाया।

…जब पांच हाथियों का झुंड गांव में घुस आया
ग्रामीणों के अनुसार, घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। एक व्यक्ति अब भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। आशंका जताई जा रही है कि हाथी उसे अपने साथ ले गए हैं। इससे एक दिन पहले गोमिया प्रखंड के बड़की पन्नू गांव में भी हाथियों के हमले में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई थी। यह घटना बुधवार देर रात करीब तीन बजे की है, जब पांच हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। हाथियों को देखकर जान बचाने के लिए भाग रहे गंगवा करमाली को हाथियों ने सूंड में लपेटकर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पति की चीख-पुकार सुनकर बाहर आईं उनकी पत्नी कमली देवी को भी हाथियों ने कुचल दिया। इसी दौरान परिवार की महिला सदस्य भगिया देवी ने भी बचने की कोशिश की, लेकिन एक हाथी ने उन्हें भी कुचल दिया, जिससे उनकी भी मौत हो गई।

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