मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले की इटारसी तहसील कार्यालय में लापरवाही और व्यवस्थाओं की पोल खोलता एक मामला सामने आया है। जहां सीमांकन और बंटवारा की प्रमाणित कॉपी न मिलने से परेशान होकर एक किसान ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया। किसान ज्ञानेंद्र उपाध्याय पिछले पांच महीने से तहसील दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें उनकी फाइल नहीं मिल रही। थक-हारकर उन्होंने तहसील कार्यालय के गेट पर धरना दे दिया और घोषणा की “जो भी मेरी फाइल ढूंढ देगा, उसे 51,000 का इनाम मिलेगा।”

किसान ने तहसीलदार को लिखा पत्र

ज्ञानेंद्र उपाध्याय ने इस संबंध में तहसीलदार को भी लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने बताया कि वे लगातार सीमांकन और बंटवारा से जुड़ी प्रमाणित कॉपी के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें “फाइल नहीं मिली” कहकर लौटा दिया जाता है। फाइल खंड रामपुर सर्किल की बताई जा रही है, जो अब तक कार्यालय में नहीं मिल पाई है।

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तहसीलदार ने दी सफाई

तहसीलदार सुनीता साहनी ने बताया कि संबंधित फाइल वर्ष 2017-18 की है, और पुरानी होने के कारण उसे ढूंढने में समय लग रहा है। उन्होंने कहा “फाइल ऑफिस में ही है, लेकिन पुरानी है, इसलिए ढूंढने में थोड़ा समय लग रहा है। आवेदनकर्ता को इसकी लिखित सूचना दी जा चुकी है। उस समय के बाबू को भी नोटिस देकर बुलाया गया है।”

दफ्तर के सामने बैठा किसान, कर्मचारियों को दिया ऑफर

सोमवार को उपाध्याय ने तहसील कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना देकर कर्मचारियों और अधिकारियों से कहा कि मंगलवार शाम 5 बजे तक जो भी फाइल ढूंढ देगा, उसे इनाम मिलेगा। इस अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए स्थानीय किसान और ग्रामीण भी तहसील परिसर में जुटे।

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